Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

कार्यकाल खत्म होने के चार साल बाद भी इंदौर की दूसरी सबसे धनी व्यापारी संस्था इल्वा में चुनाव नहीं

29

इंदौर। प्रदेश के चुनावी शोर के बीच इंदौर लोहा व्यापारी एसोसिएशन (इल्वा) में भी चुनाव की मांग उठने लगी है। शहर की इस दूसरी सबसे बड़ी धनी व्यापारी संस्था में कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हुए चार वर्ष हो गए हैं। हालांकि, अब तक चुनाव नहीं हुए हैं। अब संस्था में चुनाव करवाने की मांग उठने लगी है। इस बीच रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी को भी शिकायत पहुंच चुकी है।

इल्वा में हर दो साल में चुनाव होते हैं। एसोसिएशन के साथ ही व्यापारी ट्रस्ट के भी चुनाव करवाए जाते हैं। 2020 में कोविड के दौर में कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हुआ था। महामारी के कारण 2020 में चुनाव टाल दिए गए।इसके बाद से अब तक संस्था में पदाधिकारी पद पर बने हुए हैं। हाल यह है कि ट्रस्ट में भी पदाधिकारियों का अपने स्तर पर बदलाव कर दिया गया है। संस्था में कार्यवाहक अध्यक्ष बनाकर खाते से लेकर गतिविधियां तक चलाई जा रही हैं।

रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी को शिकायत

एसोसिएशन के सदस्य और व्यापारी मनोज शर्मा के अनुसार, संस्था के पास स्कूल, कालेज, तौल कांटा, मार्केट जैसी संपत्तियां हैं और हर वर्ष करोड़ों का राजस्व आता है। ऐसे में आर्थिक व्यवहार में भी गड़बड़ी होने की आशंका है। चुनाव नहीं करवाना अब पदाधिकारियों की मंशा पर संदेह पैदा कर रहा है। मामले में संस्था के 50 से ज्यादा सदस्यों ने पत्र लिखकर रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी के पास भेजा है।

संस्था पर रिसीवर बैठाएं

एक प्रतिनिधि मंडल प्रशासन से मिलने भी जा रहा है। मांग की जा रही है कि संस्था पर रिसीवर बैठाया जाना चाहिए। रिसीवर संस्था का आडिट करे और प्रशासन की निगरानी में तीसरा पक्ष निष्पक्ष चुनाव करवाए। बीते दिनों कार्यकारी पदाधिकारियों ने ही संस्था के प्रविधान बदल दिए हैं। उसी भी समीक्षा कर यथास्थिति रखी जानी चाहिए और निर्वाचित पदाधिकारियों को इस तरह के अधिकार दिए जाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.