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जिला अस्पताल का एक ब्लाक तैयार, फिर भी नहीं मिल रहा उपचार

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ग्वालियर। जिला अस्पताल के नवनिर्मित भवन का एक ब्लाक मरीजों के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका है, लेकिन मरीजों के लिए इस ब्लाक के द्वार सोमवार को नहीं खुल सके। सोमवार को यह ब्लाक अस्पताल प्रबंधन के सुपुर्द होना था, लेकिन निर्माण एजेंसी के चीफ इंजीनियर के घर हादसा हो गया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अब जिला अस्पताल में मरीजों शिफ्टिंग में दो से चार दिन लग सकते हैं। सोमवार को स्टेट असेसमेंट आफ लक्ष्य की टीम की ओर से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल में भिंड से आए डा. देवेश शर्मा ने बारीकी से जांच पड़ताल की। मुरार प्रसूतिगृह में लेबर रूम और आपरेशन थिएटर सहित पीआइसीयू तक का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच की, जिसमें कई खामियां मिली जिसको लेकर स्टाफ को प्रशिक्षण देते हुए उन्हें जच्चा-बच्चा की किस तरह से केयर की जाए तथा उनके दस्तावेजों का संधारण करने के बारे में बताया गया है।

यह मिली खामियां

निरीक्षण दल सुबह 11 बजे प्रसूतिगृह मुरार पहुंचा जहां पर शाम सात बजे तक निरीक्षण किया। सबसे पहले आपरेशन थिएटर पहुंचा जहां पर बारीकी से जांच पड़ताल की और स्टाफ से आपरेशन के दौरान क्या क्या सावधानियां बरती जाएं उसके बारे में जानकारी ली। इसके बाद लेबर रूम और फिर वार्ड तथा पीआइसीयू को देखा। डिलेवरी के दौरान किस तरह से सुरक्षा अपनाई जाए कि संक्रमण से जच्चा बच्चा को बचाया जा सके इसके बारे में स्टाफ ठीक से जवाब नहीं दे सका। इस पर दल के प्रमुख डा. शर्मा ने उन्हें प्रशिक्षण भी दिया। इसके बाद डिलेवरी के दस्तावेजों को देखा तो काफी सारे कागज नहीं मिले। प्रसूता का फार्म भी ठीक से नहीं भरवाया जा रहा था तो बच्चे के टीकाकरण के लिए बनाए जाने वाले कार्ड की भी जानकारी नहीं थी। जिसके बारे में डा. शर्मा ने इसकी जानकारी दी और दस्तावेजों के संधारण किस तरह से किया जाए इसके बारे में बताया।

जिला अस्पताल का पूरा भवन तैयार होने में लगेगा वक्त

जिला अस्पताल का भवन चार फेस में बनाया गया है। एक फेस में चार ब्लाक है ए,बी,सी और डी। यह पूरी तरह से तैयार हो चुका है। इन ब्लाक में मरीजों की सोमवार से शिफ्टिंग होनी थी। बाकी के तीन फेस में रिनोवेशन का काम चल रहा है जिसमें अभी करीब एक महीने का वक्त लग सकता है।

अस्पताल की सुपुर्दगी में लगेगा वक्त

निर्माण एजेंसी के चीफ इंजीनियर के घर में गमी होने से जिला अस्पताल के तैयार ब्लाक की सुपुर्दगी नहीं ले सके। दो दिन बाद सुपुर्दगी देने के लिए एजेंसी के अफसरों ने बोला है। पूरा अस्पताल की सुपुर्दगी में अभी वक्त लगेगा। लक्ष्य की टीम आई थी जिसने अपना निरीक्षण किया और वापस लौट गई। डा. आलोक पुरोहित, आरएमओ जिला अस्पताल

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