Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Kabirdham Village Renamed: दशकों पुरानी समस्या का हुआ अंत, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने ग्रामीणों को दी... CRPF Havildar Suicide Ranchi: तिरिल कैंप में दर्दनाक हादसा, आईजी साकेत सिंह ने की पुष्टि; जांच में ज... Dhanbad News: गजलीटांड़ खदान दुर्घटना की 32वीं बरसी पर नम हुईं आंखें, बाघमारा में शहीदों को दी गई श्... Sahibganj Tin Pahar Gang: रांची पुलिस ने चलाया आधी रात को स्पेशल ऑपरेशन, सकुशल घर लौट रहा है लापता ब... Medininagar Missing Girls Found: पुलिस की तकनीकी जांच से हुआ बड़ा खुलासा, गोपालगंज से सकुशल मिलीं ती... Jamshedpur News: बिष्टुपुर की एलआईसी बिल्डिंग में आधी रात को लगी भीषण आग, चौथी मंजिल का सारा सामान ज... MP-CG Crime News: कांग्रेस नेता के पिता को धमकी मामले में बड़ा खुलासा, शोएब ढेबर की भूमिका पर टिकी पु... MP-CG Train Cancellation: नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते हैदराबाद-रक्सौल और तिरुपति एक्सप्रेस समेत कई ... MP Crime News: भोपाल के एमपीनगर में फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़ा, रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर... DPI Samadhan Shivir: मध्य प्रदेश के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर, अब जिला स्तर पर होगा लंबित मामलों ...

बाहर से आए जिले के सात लोगों में पाए गए डेंगू के लक्षण

39

शहडोल। मौसम में बदलाव के कारण लोग मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इस बदलते मौसम में चिकनगुनिया, टायफाइड, पीलिया जैसी बीमारी भी पैर पसार रही हैं। अब डेंगू भी डंक मारने लगा है। डेंगू जैसी बीमारी एडीज मच्छर के काटने से होती है। यह बहुत ही ज्यादा घातक बीमारी है। इसके जिले में जुलाई से अब तक सात मामले आ चुके हैं, यह अलग बात है कि अब तह इस बीमारी से किसी की मौत नहीं हुई है। विभागीय अधिकारी बता रहे हैं कि जितने भी डेंगू के मरीज मिले हैं वह मरीज बाहर से घूम कर आए हैं और वहीं से यह बीमारी लेकर आए हैं।

जांच यहां कराई तो पता चली बीमारी

जिले के अंदर जो सात मरीज डेंगू से ग्रसित मिले हैं उनमें यह बीमारी का पता शहडोल में जांच कराने के बाद चला है। हम आपको बता दें कि मलेरिया के मरीजों की संख्या भी ज्यादा बढी है लेकिन निजी अस्पताल संचालक इसकी रिपोर्ट मलेरिया विभाग को समय पर नहीं देते हैं और कई अस्पताल तो रिपोर्ट देते ही नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग समय समय पर इन अस्पताल संचालकों को नोटिस भी जारी करता है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कीटनाशक दवा का छिड़काव ठीक से नहीं हुआ है स्वास्थ्य विभाग के पास मलेरिया के भी आंकड़े वह हैं जो सरकारी अस्पतालों से मिले हैं।

विभाग है अलर्ट मोड में कर रहा जागरूक

डेंगू के सात मरीज मिलने के बाद उन जगहों पर मलेरिया विभाग की टीम अलर्ट मोड में आ गई है। जहां पर यह मरीज निवास करते हैं उनके घरों और आसपास के क्षेत्रों में टीम जाकर लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई है। तीन से पांच सदस्यों की टीम भ्रमण कर रही है। लोगों को कहा जा रहा है कि अपने घरों के आसपास पानी का भराव न होने दें। खाली पड़े टीन टप्पर व डिब्बों में बरसात का पानी भरा हुआ हो तो उसे खाली कर दें।मच्छरदानी का प्रयोग करें।

बारिश के थमते ही मच्छरों से पैदा होने वाली बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में मलेरिया विभाग का मैदानी अमला लगातार लोगों को समझाइश दे रहा है। जो डेंगू के मरीज मिले हैं वे सभी बाहर से आए थे फिर भी हम सतर्कता बरत रहे हैं और लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

शिवशंकर शुक्ला, मलेरिया सलाहकार।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.