Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
मंडी को मिलीं 25 नई ई-बसें, HRTC के बेड़े में शामिल होंगी 1,000 नई बसें और 200 हाइड्रोजन बसें यूपी चुनाव 2027 से पहले भाजपा का बड़ा सियासी कदम, अमरपाल मौर्य बने राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष भोपाल ट्विशा शर्मा केस में CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट: पति समर्थ और सास गिरिबाला आरोपी, क्रूरता व... सिरोही में खाने में निकले कीड़े तो पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचीं 50 छात्राएं: वार्डन पर बदसलूकी का आरोप, क... नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान: वसुंधरा राजे बनीं उपाध्यक्ष, पीयूष गोयल नए कोषाध्यक्ष; अमित ... तारापीठ के होटल में भीषण आग से हाहाकार: 7 श्रद्धालुओं व कर्मचारियों की मौत, 45 मिनट तक टॉयलेट में फं... लखीसराय: अशोकधाम हॉल्ट पर करंट की अफवाह से मची भगदड़, 8 श्रद्धालुओं ने तोड़ा दम; DM ने स्पष्ट की स्थ... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क टाइपिंग टेस्ट में तकनीकी गड़बड़ी: वाशिम समेत कई केंद्रों पर हंगामा, छात्रों न...

अब 14 मिनट में होगी वंदे भारत की सफाई, भारतीय रेलवे ने बनाई खास योजना

33

अभी तक आपने वंदे भारत को पटरी पर तेज रफ्तार से दौड़ते हुए देखा है, लेकिन अब भारतीय रेलवे सफाई के मामले में भी रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय रेलवे ने एक खास योजना बनाई, जिसके तहत वंदे भारत की सफाई महज 14 मिनट में ही हो जाएगी।  इसकी शुरुआत दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन से होगी। रेलवे इस तकनीक को जापान के बुलेट ट्रेन से सीखकर लाया है।

1 अक्टूबर यानी कि आज ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के शुरुआत के साथ ’14-मिनट चमत्कार’ योजना को भी शुरू किया जाएगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्वण ने संवाददाताओं से कहा कि समय पालन में सुधार की पहल के तहत वंदेभारत ट्रेन की सफाई 14 मिनट में की जाएगी। मंत्री ने कहा, ‘‘यह अनोखी अवधारणा है और जिसे पहली बार भारतीय रेलवे में अपनाया गया है।’’

यह पहल जापान के ओसाका, टोक्यो आदि जैसे विभिन्न स्टेशनों पर ‘चमत्कारिक 7 मिनट’ की अवधारणा पर आधारित है, जहां सभी बुलेट ट्रेन को सात मिनट के भीतर साफ करके दूसरी यात्रा के लिए तैयार किया जाता है। रेलवे को एक ट्रेन की सफाई करने में कम से कम 3 घंटे का वक्त लगता है। रेलवे की ओर से इस समय को कम करने की कोशिश की जा रही है। इसकी शुरुआत वंदे भारत एक्सप्रेस से की जा रही है। फिर इस तकनीक का इस्तेमाल बाकी ट्रेनों पर भी किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक वंदे भारत ट्रेन कोच में कुल 4 कर्मचारी सवार होंगे, जिन्हें 1 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। उसका मॉकड्रिल होगा ।

दिल्ली कैंट के अलावा जिन अन्य रेलवे स्टेशन पर इसे शुरू किया जाएगा उनमें वाराणसी, गांधीनगर, मैसुरु और नागपुर शामिल हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘इस अवधारणा की शुरुआत करने से पहले रेलवे ने कुछ अभ्यास (ड्राई रन) किए जिसके तहत परिचारकों ने पहले ट्रेन को लगभग 28 मिनट में साफ किया और फिर सुधार करके इस समय को कम करके 18 मिनट किया। अब बिना किसी नई तकनीक को शामिल किए ट्रेन की सफाई में केवल 14 मिनट लगेंगे।’

मंत्री ने कहा कि बाद में धीरे-धीरे इस अवधराणा को अन्य ट्रेन में भी शामिल किया जाएगा। भारतीय रेलवे ने सितंबर में एक पखवाड़े तक चलने वाला ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से रेलवे अधिकारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.