Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ... Crime News: गले पर चाकू और बेटी पर छोड़ा कुत्ता, मां को बचाने थाने पहुंची मासूम बच्ची; पुलिस ने ऐसे ... बड़ी खबर: अदालत के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कड़ा एक्शन, पुलिस ने शुरू की घटनास्...

नेशनल नेबर डे पर महिलाएं बोलीं – पड़ोसी तनाव को कम, दोगुनी करते हैं खुशियां

29

जबलपुर। अरे बेटा राेशनी घर में चीनी खत्म हो गई है, जरा मेहता आंटी के घर से लेकर आ जाओ। मम्मी मैं नहीं जाऊंगी, आंटी क्या सोचेंगी। आंटी कुछ नहीं सोचेंगी, मैं उनको फोन कर देती हूं। आमतौर पर हर घर में पड़ोसी के घर में छोटी-छोटी जरुरत की वस्तुओं की डिमांड होती है। यह तो सिर्फ चीनी की बात, लेकिन चीनी से लेकर कोरोना काल में भी पड़ोसियों ने जो साथ दिया है, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

लोग अपने तक ही सीमित होते जा रहे हैं

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने तक ही सीमित होते जा रहे हैं। जबकि पहले के जमाने में लोग आस-पड़ोस में रहने वाले लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखते थे। पड़ोसी से अच्छी जान-पहचान, नजदीकियां और बेहतरीन रिश्ते जिंदगी के तनाव को कुछ कम कर उनकी खुशियों को दोगुना कर सकते हैं। आज नेशनल नेबर डे पर हम ऐसे पड़ोसियों की बात कर रहे है, जिनके बीच खट्टी-मीठी नोंक-झोंक भी हो जाती है। लेकिन अपात की स्थिती में ये पड़ोसी ही काम आते है।

पड़ोसी ही पहला रिश्तेदार

मदन महल निवासी प्राची, ट्विंकल और सविता ने कहा कि पड़ोसी ही पहला रिश्तेदार है। हमारे साथ कई बार ऐसी परिस्थिती आई कि पड़ोसियों ने एक-दूसरे का साथ दिया है। रिश्तेदार तो बाद में आते हैं। पड़ोसी ही हमारे लिए सबकुछ है। कभी-कभी खट्टी-मीठी नोकझोंक हो भी जाए, तो आपस में मामला समझ लेते हैं। हम तीनों के परिवार कई वर्षों से पड़ोसी है। कोरोना काल में भी हमनें एक-दूसरे का साथ दिया। पड़ोसी ही एकमात्र ऐसे होते है, जिन्हें हमारी सारी बातों की खबर होती है। आज के समय में पड़ोसियों के मायने बदल गए हैं, लेकिन हमने तो बचपन में ही मोहल्ले में पड़ोसियों के बीच रहे हैं।

शाम की मीटिंग जरूरी है

सराफा निवासी रश्मि अग्रवाल ने कहा कि पड़ोसी के साथ हर रोज शाम को मीटिंग जरुरी है। अगर दिनभर में एक बार नहीं मिले, तो खाना नहीं पचता। पड़ोसी के बिना रहने की कल्पना भी नहीं कर सकते है। कई बार ऐसा समय आया है, कि पड़ोसियों ने ही साथ दिया है। आज भले ही पड़ोसी शब्द के मायने बदल गए हो, लेकिन पड़ोसी के बिना रहने की कल्पना नहीं कर सकते हैं। कालोनियों में घर में तो लोगों को ये तक नहीं जानकारी होती है, कि उनका पड़ोस में कौन रह रहा है। मेरी पड़ोसी अनामिका, नीता और रश्मि है। जो हमेशा ही एक दूसरे का साथ देती है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.