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भाजपा की पसंद नरेंद्र सिंह तोमर ही क्‍यों, हारी सीट पर जिताने की है जिम्मेदारी

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इंदौर। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा फूंक फूंक कर कदम रख रही है। पिछली बार मामूली अंतर से सत्‍ता से बाहर हुई भाजपा इस चुनाव में कोई कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रही है। यही कारण है कि इस बार भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की दूसरी सूची में वर्तमान केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों तक को टिकट दिया है। इनमें से एक नाम केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का भी है। तोमर वर्तमान में मोदी सरकार में कृषि मंत्री है और उन्‍हे पार्टी ने दिमनी विधानसभा से चुनावी मैदान में उतारा है। तोमर 2009 से ही केंद्र में हैं और अब पार्टी ने उन्हें वापस प्रदेश में एक्टिव कर दिया है।

दिमनी विधानसभा क्यों है खास?

दिमनी विधानसभा 1980 से 2008 के चुनाव तक भाजपा का गढ़ रहा है। लेकिन पिछले दो चुनावों से पार्टी को यहां हार का सामना कर करना पड़ रहा है। 2018 में जहां कांग्रेस के गिर्राज दंडोतिया ने जीत दर्ज की थी तो वहीं 2013 के चुनाव में बसपा के बलवीर सिंह दंडोतिया ने भाजपा प्रत्‍याशी को हराया था। से में भाजपा ने अपने गढ़ में वापसी करने के लिए नरेंद्र सिंह तोमर को चुनावी मैदान में उतारा है।

नरेंद्र सिंह तोमर ही क्‍याें?

नरेंद्र सिंह तोमर वर्तमान में मुरैना से ही सांसद है। क्षेत्र में उनका खासा प्रभाव भी माना जाता है। ऐसे में पार्टी ने इस बार नरेंद्र सिंह तोमर को प्रत्‍याशी बनाया है। वे 20 सल बाद विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

ऐसा रहा है चुनावी ग्राफ

नरेंद्र सिंह तोमर ने 1998 में अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। अब तक वे दो विधानसभा और तीन लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं और दन सभी चुनावों में उन्होंने जीत हासिल की है।

1998 में लड़ा पहला चुनाव

नरेंद्र सिंह तोमर ने अपना पहला चुनाव ग्वालियर विधानसभा सीट से लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अशोक कुमार शर्मा को 26 हजार 458 वोटों से हराया था। उन्हें इस चुनाव में करीब 50 हजार वोट मिले थे। जबकि जबकि शर्मा को 23 हजार 646 वोट मिले।

34 हजार वोटों से जीता दूसरा चुनाव

नरेंद्र सिंह तोमर ने अपना दूसरा और अंतिम विधानसभा चुनाव साल 2003 में लड़ा था। उन्हें 63 हजार 592 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी बालेन्दु शुक्ला को 29 हजार 452 वोट मिले। तोमर ने यह चुनाव 34 हजार 140 वोटों से जीता था।

केंद्र की राजनीति में रखा कदम

2009 में हुए लोकसभा चुनाव के जरिए नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र की राजनीति में कदम रखा। पार्टी ने उन्हें मुरैना से टिकट दिया। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी रामनिवास रावत को 1 लाख 97 वोटों से हराया था।

2014 में बदली सीट

2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने नरेंद्र सिंह तोमर को ग्वालियर से टिकट दिया। यह चुनाव उन्‍होने 26 हजार 699 वोट से जीता था। उनके सामने कांग्रेस के अशोक सिंह थे। बाद में मोदी सरकार में उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया गया था।

2019 में मुरैना में फिर वापसी

2019 के लोकसभा चुनाव नरेंद्र सिंह तोमर की मुरैना में फिर वापसी हुई और उन्होंने इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रामनिवास रावत को 1 लाख 13 हजार 341 वोटों से हराया था।

अब लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने नरेंद्र सिंह तोमर पर भरोसा जताते हुए विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है। वे अब दिमनी विधानसभा चुनाव से टिकट लड़ेंगे।

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