Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ... Crime News: गले पर चाकू और बेटी पर छोड़ा कुत्ता, मां को बचाने थाने पहुंची मासूम बच्ची; पुलिस ने ऐसे ... बड़ी खबर: अदालत के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कड़ा एक्शन, पुलिस ने शुरू की घटनास्...

टिकट मिलने के बावजूद खुश नहीं हैं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, जानिए क्या है वजह

35

इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को कुछ ही दिन रह गए हैं। ऐसे में सभी पार्टियों ने चुनाव को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। वहीं, भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची भी जारी कर दी है।बीजेपी ने इस बार भी 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है। इस प्रकार भाजपा ने एमपी में अब तक 78 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची में सबको चौका दिया है। इसमें 7 सांसदों को भी उम्मीदवार बनाया गया है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय को उम्मीदवार बनाया गया है।

बता दें कि तीन केंद्रीय मंत्री चार सांसदों को भाजपा ने टिकट दिया है, कैलाश विजयवर्गीय को फिर विधानसभा चुनाव में उतारकर बीजेपी ने चौका दिया है। इसी बीच आगामी मध्य प्रदेश चुनाव के लिए इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने पर कैलाश विजयवर्गीय का अजीबोगरीब बयान सामने आया है। कैलाश विजयवर्गीय कह रहे हैं, कि ‘मुझे टिकट जरूर मिल गया, लेकिन मैं खुश नहीं हूं। चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है। अब अपन बड़े नेता हो गए हैं, भाषण दो और निकलो, कहां घर-घर हाथ जोड़ेंगे।

राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि “मुझे चुनाव लड़ने की 1% भी इच्छा नहीं थी। मैंने केवल सार्वजनिक बैठकों में भाग लेने की योजना बनाई थी। मैनें तो रोज आठ सभा करने की योजना बनाई थी, लेकिन शायद भगवान की यही इच्छा थी की मैं चुनाव लड़ूं। एक बार फिर से जनता के बीच में जाएं। मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है की मुझे टिकट मिल गई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.