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ट्रिब्यूनल बेंच के लिए इंदौर के 100 से ज्यादा संगठन साथ आए

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इंदौर। इंदौर में जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल की बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर कर विशेषज्ञ और शहर के सौ से ज्यादा व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ आ गए हैं। जीएसटी एक्शन कमेटी ने मंगलवार शाम बैठक बुलाई है। इसमें ट्रिब्यूनल गठन की मांग उठाने के लिए शुरू किए जा रहे आंदोलन की रणनीति घोषित होगी।

नौ साल पहले इसी तरह इन तमाम संगठनों के प्रतिनिधि वैट संघर्ष समिति के रूप में एकजुट हुए थे। महीनेभर चले आंदोलन के बाद सरकार को झुकना भी पड़ा था। इंदौर के हाथ से जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल की बेंच निकल गई है। मालवा-निमाड़ के कारोबारियों के साथ कर सलाहकारों के लिए यह परेशानी का सबब बनता दिख रहा है। इंदौर को जीएसटी ट्रिब्यूनल की बेंच नहीं मिलने के पीछे मप्र सरकार के रवैये को जिम्मेदार माना जा रहा है।

इंदौर को हटाकर भोपाल का नाम दिल्ली भेजा

2019 में इंदौर का नाम भेजने के बाद सरकार ने बीते प्रस्ताव में इंदौर को हटा दिया और सिर्फ भोपाल का नाम दिल्ली भेजा। इससे नाराज और निराश कर सलाहकार, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील और प्रमुख कारोबारी संगठनों के पदाधिकारियों ने संघर्ष शुरू कर इंदौर में ट्रिब्यूनल की बेंच लाने के लिए मोर्चा खोला है।

वैट के रिटर्न को बदल दिया था

उल्लेखनीय है कि 2014 में वैट संघर्ष समिति के बैनर तले भी इसी तरह व्यापारी और कर विशेषज्ञ एकजुट हुए थे। मप्र टैक्स ला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और जीएसटी एक्शन कमेटी में महामंत्री बने अश्विन लखोटिया के अनुसार जुलाई 2014 में प्रदेश सरकार ने वैट के रिटर्न को बदल दिया था। नया प्रारूप खासा कठिन था। इसके खिलाफ तमाम व्यापारी संगठन, कर पेशेवरों के संगठनों ने एक होकर विरोध शुरू किया था।

आखिरकार वित्त मंत्री को झुकना पड़ा था….

पहली बैठक के बाद प्रदेश के वित्तमंत्री नहीं माने। इंदौर के कारोबारियों ने आंदोलन जारी रखा। रिटर्न दाखिल नहीं करने की घोषणा की। इस पर भी सरकार नहीं झुकी तो अगस्त 2014 में इंदौर में कारोबार बंद करने की घोषणा हुई। हालांकि बाजार के बंद होने से एक दिन पहले प्रदेश के वित्त मंत्री ने झुकते हुए वैट रिटर्न फार्म वापस लेने की घोषणा कर दी। अब बनी जीएसटी संघर्ष समिति की अगुवाई भी वैट संघर्ष समिति की कमान संभाल चुके कारोबारी और पेशेवर ही कर रहे हैं। मंगलवार को समिति की बैठक में लंबे व क्रमबद्ध आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

सरकार से लड़ाई लड़ने वालों के साथ महापौर-सांसद

टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन ने भी सोमवार को एक कमेटी गठित करने की घोषणा की। कमेटी फार जीएसटी ट्रिब्यूनल एट इंदौर नाम से बनी इस समिति का संरक्षक और संयोजक महापौर पुष्यमित्र भार्गव और सांसद शंकर लालवानी को बनाया गया है। टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन ट्रिब्यूनल गठित नहीं करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका भी दायर कर चुका है। इस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। यानी सरकार के निर्णय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने वाले टीपीए की लड़ाई में सांसद और महापौर भी साथ आ गए हैं।

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