Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
68500 Teacher Recruitment Reservation Dispute: लखनऊ में 17 दिन से धरना जारी, पीएम को खून से लिखा पत्... Amritsar Crime News: अमृतसर के गोल्डन टेम्पल के पास शर्मनाक हरकत! होटल संचालक ने नाबालिग से की दुष्क... Tarn Taran News Update: सुबह 8 बजे ताले, 9 बजे आते हैं डॉक्टर! तरनतारन सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य स... Sunam Farmers Protest: सुनाम में उग्र हुआ किसान आंदोलन; बैरिकेड्स तोड़ रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान, ट्... Swatantra Bhardwaj Viral Video: जमानत के बाद फिर विवादों में आए स्वतंत्र भारद्वाज, चंद्रशेखर आजाद को... Delhi Political News: नई दिल्ली विधानसभा चुनाव हारने के डेढ़ साल बाद फिर उठा वोटर लिस्ट का मुद्दा, ज... DUSU Election 2026 Violence: डूसू चुनाव में हिंसा और तोड़फोड़ पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, दिए कड़ी कार्... Sudivya Kumar Sonu Shradh: 'जेएमएम के लिए अपूरणीय क्षति'; सुदिव्य सोनू के श्राद्ध कर्म में भावुक हुए... Chhattisgarh Shramik Yojana: ई-बाइक और ई-रिक्शा पर मिलेगी बड़ी सब्सिडी; सीएम विष्णुदेव साय ने की 3 ब... Chhattisgarh Wild Bear Terror: लकड़ी बीनने गए ग्रामीणों पर टूट पड़े भालू; धमतरी में फैली दहशत, वन वि...

कृषि जमीन को छोड़ सभी प्रकार की प्रापर्टी की बिक्री पर लगता है टैक्स, पवन अग्रवाल सीए बिलासपुर

81
बिलासपुर। आयकर कानूनों के तहत जहां बिक्री मूल्य एग्रीमेंट में उल्लेखित मूल्य सर्कल दर या स्टांप शुल्क मूल्यांकन से कम है, बिक्री मूल्य का मूल्य स्टांप के विधिवत मूल्यांकन या सर्कल दर के अनुसार माना जाएगा। साथ ही पूंजीगत लाभ की तदनुसार गणना भी की जाएगी।

एलटीसीजी पर टैक्स छूट लेने के लिए आप आयकर कानून के सेक्शन 54 का नियम देख सकते हैं. सेक्शन 54 के तहत अगर कोई व्यक्ति निर्धारित समय के अंदर उस रकम से दूसरा घर खरीदता है तो, नए घर में निवेश की गई रकम टैक्सेबल कैपिटल गेंस से घट जाती है। टीडीएस आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194 आइए के अनुसार प्रापर्टी के कुल बिक्री मूल्य के एक प्रतिशत पर लागू होता है।

ग्रामीण कृषि जमीन को छोड़कर सभी प्रकार की प्रापर्टी की बिक्री पर टैक्स लगता है। अचल संपत्ति की बिक्री से होने वाली आय पर प्रापर्टी विक्रेता को दो प्रकार के टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। साथ ही प्रापर्टी के मालिक पर भी यही नियम लागू होते हैं।

अचल प्रापर्टी जैसे जमीन, बिल्डिंग, अपार्टमेंट, घर आदि को आयकर गणना के उद्देश्य से कैपिटल एसेट कहा जाता है। इस प्रकार प्रापर्टी की बिक्री से प्राप्त आय को कैपिटल गेंस माना जाता है और इसमें कैपिटल गेन टैक्स लगता है। पहला शार्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स तब लगता है, जब प्रापर्टी खरीदने के 24 महीने के भीतर उसे बेच दिया जाता है। यह एसटीसीजी राशि विक्रेता की नियमित आय में जोड़ी जाती है और विक्रेता के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.