Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Naghah Loh Dor Tradition: हाईवे के किनारे बिना कैमरे और कैशियर के बिकता है सामान, क्यूआर कोड से होता... Himachal Horticulture News: मौसम की मार से बागवान परेशान, बाजार में पहुंचे सिर्फ 1.15 करोड़ सेब के ब... Patna MLC Election News: मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ खोला मोर्चा, अनुज सिंह... UP News Today: बिजनौर के अमीखानपुर में 26 बीघा कृषि भूमि हथकंडे का मामला, एसपी केके बिश्नोई ने दी जा... Mumbai Manori Beach Accident: फंसे हुए विदेशी जहाज में गैस कटर से चोरी के दौरान चार की मौत, सनसनी Voter List Revision Maharashtra: बीएलओ के लिए नए नियम जारी, व्हाट्सऐप और घर-घर जाकर दस्तावेज स्वीकार... Amravati Road Accident News: शेगांव से दुर्गा मूर्ति लेकर वर्धा जा रही पिकअप गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, व... Ramanujnagar Police Station: आरोपी दामाद भजन सिंह गिरफ्तार, पारिवारिक विवाद में की थी खौफनाक वारदात Gandhi Jayanti Special: रायपुर के शुक्ला भवन और जैतूसाव मठ में रुके थे महात्मा गांधी, अस्पृश्यता निव... SECR GM Tarun Prakash Visit: चांपा और नैला रेलवे स्टेशन पर सुपरफास्ट ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग, म...

85 प्रतिशत बारिश के बाद भी 36 तालाब अब भी खाली, रबी सीजन में होगी समस्या

87

मंदसौर में सीजन की अब तक 85 प्रतिशत बारिश हो चुकी है, लेकिन जिले के 36 तालाब अब भी खाली है। यदि आगे भी ऐसा ही रहा तो रबी सीजन में फसलों की सिंचाई के दौरान समस्या खड़ी हो सकती है।

काका गाडगिल सागर बांध भी पूरी क्षमता से नहीं भरा है। मंदसौर और मल्हारगढ़ क्षेत्र में तालाबों में जलभराव की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। तालाब खाली रह गए तो रबी सीजन में सिंचाई के लिए दिक्कतें खड़ी हो सकती है। तालाब नहीं भरने से भूजल स्तर भी प्रभावित होगा। उधर, मल्हारगढ़ व पिपलियामंडी नगर सहित कई गांवों में पेयजल उपलब्ध करवाने वाले काका गाडगिल सागर बांध में भी कुल क्षमता का 10 प्रतिशत पानी ही भरा है, रेतम बैराज मात्र 32 प्रतिशत भरा है।

70 फीसदी तालाब अभी तक खाली

जिले में अभी भी करीब 70 फीसदी तालाब, बांध व बैराज खाली पड़े है। मंदसौर डिवीजन में जल संसाधन विभाग के कुल 70 तालाब व बैराज हैं। अब तक जिले में अब तक 681 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कुछ औसत की लगभग 85 प्रतिशत है। लेकिन अब तक अधिकांश तालाब खाली है।

वर्षाकाल 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। ऐसे में अब एक सप्ताह में जिले में बारिश से तालाब नहीं भरे तो आगामी रबी सीजन में फसलों की सिंचाई में परेशानी बढ़ सकती है। जिले में करीब 30 हजार हेक्टेयर में तालाबों से ही रबी सीजन की फसलों की सिंचाई होती है।

ये तालाब अब तक खाली

जिले में अजयपुर, आक्याबिका, बहीखेड़ा, भर्डावद, भालोट, चंदवासा, चौसला, धर्मराजेश्वर, ढाबलादेवल, दलौदा सगरा, दौरवाड़ा, ढिकोला, घटाेंदा, हासली, जुनापानी, झागरिया, खेजड़ियामेघा, कोटेश्वर, करोली, काका साहब गाडगिल सागर, खोडाना, लामगरा, लदूना, मुंदड़ी, मिंडलाखेड़ा, मुन्ज्याखेड़ी, नंदावता, नकेड़िया, निम्बोद, पानपुर, रतनपिपलिया, रणायरा, रलायता, सोम्या, सेमली कांकड़, टकरावद, जोथखेड़ा, तालाब अब तक खाली हैं।

ये तालाब भरे हैं शत-प्रतिशत

असावती, आसपुरा, बनी, देवरी, देवरियाविजय, ढिकोला, फतेहपुर चिकली, गोपालपुरा, करड़िया, कोटड़ामाता, रहीमगढ़, सेदराकरनाली, वाकली, खेताखेड़ा तालाब एवं अरनियामीणा, आवना हरनीखेड़ा, आवना नाला, अडमालिया, भगतपुरा, चांगली, धाकड़खेड़ी, ढाबला, ढिकोला, फतेहगढ़, गोपालपुरा, ईशाकपुर, माउखेड़ी, नागखजूरी, पाडलियालालमुंहा, पीपलखेड़ी, पित्याखेड़ी, हरचंदी सालिड वियर तथा मोल्याखेड़ी बैराज व सेमली बैराज 100 प्रतिशत भर गए हैं।

जिले में बारिश का दौर चल रहा है। उम्मीद है सभी तालाब भर जाएंगे। सभी क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थिति देखी जा रही है। अभी हो रही वर्षा के साथ ही तालाबों में पानी की आवक बनी हुई है। -विजेन्द्र डोडवे, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, मंदसौर

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.