Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
"हर घर तिरंगा अभियान: आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों ने फहराया तिरंगा, देशभक्ति के गीतों से गूंजा आंगन... कलेक्टर-एसपी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पूर्व तैयारियों का लिया जायजा कलेक्टर और एसपी ने परेड ग्राउ... जिला संयोजक ने ली छात्रावास अधीक्षकों की बैठक, शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के दिए निर्देश आगर-मालवा जिले में जन विश्वास अभियान के तहत 14 अगस्त को बड़ौद के गंगापुर में जन विश्वास शिविर, ग्राम... उज्जैन-आगर मालवा- झालवाड़ राष्ट्रीय राज्यमार्ग (NH-552G) की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सांसद महेंद्र सि... सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: कर्नाटक में UAPA मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए बनेगा अलग स्पेशल कोर्ट जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में बड़ी कार्रवाई, राज्यसभा में पेश की गई 3 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट देहरादून-मसूरी मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान भीषण भूस्खलन, सड़क पर गिरा भारी मलबा जालंधर के अवतार नगर में सनसनीखेज डबल मर्डर, कलयुगी युवक ने अपनी पत्नी और पिता की हत्या कर मचाया हड़क... 'जंतर-मंतर सीजन-2' का जल्द होगा आगाज: CJP फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, हॉल न मिलने पर भाजपा पर ...

85 प्रतिशत बारिश के बाद भी 36 तालाब अब भी खाली, रबी सीजन में होगी समस्या

82

मंदसौर में सीजन की अब तक 85 प्रतिशत बारिश हो चुकी है, लेकिन जिले के 36 तालाब अब भी खाली है। यदि आगे भी ऐसा ही रहा तो रबी सीजन में फसलों की सिंचाई के दौरान समस्या खड़ी हो सकती है।

काका गाडगिल सागर बांध भी पूरी क्षमता से नहीं भरा है। मंदसौर और मल्हारगढ़ क्षेत्र में तालाबों में जलभराव की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। तालाब खाली रह गए तो रबी सीजन में सिंचाई के लिए दिक्कतें खड़ी हो सकती है। तालाब नहीं भरने से भूजल स्तर भी प्रभावित होगा। उधर, मल्हारगढ़ व पिपलियामंडी नगर सहित कई गांवों में पेयजल उपलब्ध करवाने वाले काका गाडगिल सागर बांध में भी कुल क्षमता का 10 प्रतिशत पानी ही भरा है, रेतम बैराज मात्र 32 प्रतिशत भरा है।

70 फीसदी तालाब अभी तक खाली

जिले में अभी भी करीब 70 फीसदी तालाब, बांध व बैराज खाली पड़े है। मंदसौर डिवीजन में जल संसाधन विभाग के कुल 70 तालाब व बैराज हैं। अब तक जिले में अब तक 681 मिमी बारिश हो चुकी है, जो कुछ औसत की लगभग 85 प्रतिशत है। लेकिन अब तक अधिकांश तालाब खाली है।

वर्षाकाल 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। ऐसे में अब एक सप्ताह में जिले में बारिश से तालाब नहीं भरे तो आगामी रबी सीजन में फसलों की सिंचाई में परेशानी बढ़ सकती है। जिले में करीब 30 हजार हेक्टेयर में तालाबों से ही रबी सीजन की फसलों की सिंचाई होती है।

ये तालाब अब तक खाली

जिले में अजयपुर, आक्याबिका, बहीखेड़ा, भर्डावद, भालोट, चंदवासा, चौसला, धर्मराजेश्वर, ढाबलादेवल, दलौदा सगरा, दौरवाड़ा, ढिकोला, घटाेंदा, हासली, जुनापानी, झागरिया, खेजड़ियामेघा, कोटेश्वर, करोली, काका साहब गाडगिल सागर, खोडाना, लामगरा, लदूना, मुंदड़ी, मिंडलाखेड़ा, मुन्ज्याखेड़ी, नंदावता, नकेड़िया, निम्बोद, पानपुर, रतनपिपलिया, रणायरा, रलायता, सोम्या, सेमली कांकड़, टकरावद, जोथखेड़ा, तालाब अब तक खाली हैं।

ये तालाब भरे हैं शत-प्रतिशत

असावती, आसपुरा, बनी, देवरी, देवरियाविजय, ढिकोला, फतेहपुर चिकली, गोपालपुरा, करड़िया, कोटड़ामाता, रहीमगढ़, सेदराकरनाली, वाकली, खेताखेड़ा तालाब एवं अरनियामीणा, आवना हरनीखेड़ा, आवना नाला, अडमालिया, भगतपुरा, चांगली, धाकड़खेड़ी, ढाबला, ढिकोला, फतेहगढ़, गोपालपुरा, ईशाकपुर, माउखेड़ी, नागखजूरी, पाडलियालालमुंहा, पीपलखेड़ी, पित्याखेड़ी, हरचंदी सालिड वियर तथा मोल्याखेड़ी बैराज व सेमली बैराज 100 प्रतिशत भर गए हैं।

जिले में बारिश का दौर चल रहा है। उम्मीद है सभी तालाब भर जाएंगे। सभी क्षेत्रों में भ्रमण कर स्थिति देखी जा रही है। अभी हो रही वर्षा के साथ ही तालाबों में पानी की आवक बनी हुई है। -विजेन्द्र डोडवे, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, मंदसौर

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.