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उमानाथ ने लोकतंत्र के ऊपर हमला कभी नहीं किया बर्दाश्त: कलराज मिश्र

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जौनपुर: राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने आज कहा कि उमानाथ सिंह ने कभी लोकतंत्र के ऊपर हुए हमलों को बर्दाश्त नहीं किया। राज्यपाल मिश्र आज जौनपुर में टीडी पीजी कॉलेज के बलरामपुर हाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय उमानाथ सिंह की 29 वीं पुण्यतिथि पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि जब वह 13 सितंबर 1994 में कोतवाली में मौजूद थे, बदमाशों ने हल्ला मचाया तभी हार्ट अटैक आने से वह शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि उमानाथ सिंह ने संविधान के मूल्य कर्तव्यों व उद्देश्यिका को अपने जीवन में आत्मसात किया था। वह संविधान के अंदर मूल कर्तव्यों व संविधान के अनुरूप जीवन का आचरण रखते थे। सही काम के लिए तत्परता दिखाते थे और गलत काम को फौरन मना कर देते थे। वह लोकतंत्र में झगड़कर विरोध न जताते हुए बल्कि अलग तरीका अपनाते थे।

उन्होंने कहा कि उमानाथ सिंह नैतिकता के मामले में उच्चस्थ स्थान रखते थे। उनके अंदर जो द्दढ़ता, संकल्पना, चरित्रता, कुशल राजनीतिक जीवन, संसदीय मर्यादा थी वह कम ही लोगों में देखने को मिलती हैं। उन्होंने हमेशा राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया। विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उमानाथ सिंह की कार्यशैली से नई पीढि़यों को प्रेरणा लेने की आवश्यकता हैं। विशिष्ट अतिथि खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीशचंद्र यादव ने कहा कि उमानाथ सिंह का विराट व्यक्तित्व था। उन्होंने हमेशा सेवा, संकल्प की राजनीति की।

अध्यक्षता करते हुए राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी ने कहा कि मेरा दुर्भाग्य है कि मुझे उमानाथ सिंह के साथ काम करने का मौका नहीं मिला। उनके निधन की भरपाई आज तक नहीं हो सकी। राज्यपाल ने समारोह में मौजूद लोगों को संविधान के मूल कर्तव्य व उद्देश्यिका को पढ़कर दोहरवाया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों का स्मृतिचिन्ह व अंगवस्त्रम भेंटकर स्वागत किया गया।

इस मौके पर शाहगंज विधायक रमेश सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व विधायक सुषमा पटेल, नगर पालिका प्रतापगढ़ के चेयरमैन हरिप्रताप सिंह, पूर्व सांसद डॉ.केपी सिंह, कालेज प्राचार्य प्रोफेसर आलोक सिंह, काशी क्षेत्र भाजपा महामंत्री श्रीराम सिंह, काशी क्षेत्र प्रचारक अजीत सिंह, अधिवक्ता दुष्यंत सिंह, सरदार सिंह , फूल चन्द भारती आदि मौजूद रहे। संचालन पूर्व प्राचार्य डॉ.समर बहादुर सिंह व आभार कालेज प्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने व्यक्त किया।

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