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एक्‍सीडेंट में हुई थी मौत, अब स्वजन को कोर्ट ने दिलवाया एक करोड़ 40 लाख रुपये मुआवजा

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इंदौर। रिश्तेदार की कार से समारोह में शामिल होने जा रहे युवक की मौत के मामले में कोर्ट ने एक करोड़ 40 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिया है। यह राशि कार का बीमा करने वाली कंपनी को भुगतना होगा। 32 पेज के फैसले में कोर्ट ने माना कि हादसे में युवक की मौत के बाद उसकी पत्नी, बच्चे और माता-पिता निराश्रित हैं। वे उसी पर आश्रित थे।

2017 में हुआ था हादसा

लवकुश विहार कालोनी निवासी ऋषि गोयल 30 नवंबर 2017 को अपने रिश्तेदार की कार में सवार होकर एक समारोह में शामिल होने के लिए बड़वाह जा रहा था। कार चालक की लापरवाही के चलते बलवाड़ा के समीप डेढ तलाई क्षेत्र में कार एक पेड़ से टकरा गई। ऋषि और तीन अन्य रिश्तेदारों ने हादसे में मौके पर ही दम तोड़ दिया था। ऋषि की पत्नी रोनक, बच्चे और माता-पिता ने एडवोकेट राजेश खंडेलवाल और उनके सहयोगियों के माध्यम से कार का बीमा करने वाली कंपनी के खिलाफ मुआवजे के लिए प्रकरण प्रस्तुत किया।

एडवोकेट खंडेलवाल ने बताया कि हमने तर्क रखें कि ऋषि बड़ी पार्टनरशिप फर्म में पार्टनर थे। इसके अलावा उन्हें एक कंपनी से भी वेतन के रूप में अच्छी खासी राशि प्राप्त होती थी। उनके पत्नी, बच्चे और माता-पिता उन्हीं पर आश्रित थे। बीमा कंपनी ने अपने बचाव में तर्क रखा कि हादसे की सूचना घटना के एक दिन बाद पुलिस को दी गई थी और कार चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था।

6 प्रतिशत ब्‍याज देना होगा

खंडेलवाल ने बताया कि न्यायाधीश बीपी शर्मा ने हमारे तर्कों से सहमत होते हुए कार का बीमा करने वाली कंपनी को आदेश दिया कि वह आदेश दिनांक से 30 दिन में मृतक ऋषि के आश्रितों को एक करोड़ 4 लाख 95 हजार रुपये का भुगतान करे। बीमा कंपनी को इस रकम पर 16 मई 2018 से 6 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा। खंडेलवाल के मुताबिक ब्याज सहित मुआवजे की रकम करीब एक करोड़ 40 लाख रुपये बनती है।

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