Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jabalpur-Bhopal NH-45 Toll News: जबलपुर-भोपाल हाईवे पर शाहपुरा टोल टैक्स वसूली पर रोक; नितिन गडकरी न... Nitin Gadkari Bhopal Visit: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सख्त रुख; RTO में भ्रष्टाचार पर बोले— 'गा... Mandla CMO Bribe Trap: मंडला में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई; 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़... Rajasthan Mayor Election Results: राजस्थान के नगर निगमों में बीजेपी का ऐतिहासिक परचम; जयपुर, जोधपुर ... UP Assembly Election Prep: टिकट के लिए अब दिल्ली-लखनऊ में लॉबिंग नहीं चलेगी, जिलों से तैयार होगी उम्... UP International Trade Show Greater Noida: 85 देशों के खरीदार होंगे शामिल, जानिए यूपी इंटरनेशनल ट्रे... SIR Process Controversy India: चुनाव आयोग पर उठे सवालों के बाद सड़कों पर उतरी कांग्रेस, CEC ज्ञानेश ... Babulal Marandi on SIR Process: एसआईआर देश हित में; नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का विपक्ष पर तंज, ... Pakur Police Action: पाकुड़ के नयाग्राम में 13 साल के दीनानाथ की निर्मम हत्या; एसडीपीओ कुमार गौरव ने... Jharkhand Voter List SIR Dispute: झारखंड में SIR प्रक्रिया को लेकर घमासान; सीजेपी चलाएगी देशव्यापी आ...

मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाने से पहले होगा सत्यापन, चार अक्टूबर को जारी होगी वोटर लिस्‍ट

50

भोपाल। विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। सूची से नाम हटाने से पहले जिला स्तर पर अधिकारी सत्यापन करेंगे। मृत व्यक्ति का नाम सूची से हटाने के लिए मृत्यु प्रमाण अनिवार्य रूप से लेना होगा। स्वप्रेरणा से कोई भी नाम नहीं हटाया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने यह व्यवस्था इसलिए बनाई है, ताकि मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी न हो।

भाजपा और कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया था। अब तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए 31 लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। इनका परीक्षण करके चार अक्टूबर को सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटाने और संशोधन के लिए आवेदन 11 सितंबर तक लिए जाएंगे। इस अवधि में प्राप्त होने वाले आवेदनों का निराकरण 27 सितंबर तक करके चार अक्टूबर को सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि नाम जुड़वाने के लिए 15 लाख 90 हजार 464, हटवाने के लिए चार लाख 53 हजार 186 और संशोधन के लिए अब तक 10 लाख 82 हजार 266 आवेदन मिले हैं। किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले सत्यापन कराया जाएगा।

म़ृत मतदाताओं के मामले में म़ृत्यु प्रमाण पत्र लिया जाएगा ताकि कोई बाद में यह दावा न कर सके कि उसका नाम गलत तरीके से हटाया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वप्रेरणा से नाम कोई सूची से नहीं हटाया जाए। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को कम से कम दस प्रतिशत मामलों का सत्यापन करना होगा। बूथ लेवल आफिसर को शत प्रतिशत सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.