Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muzaffarnagar Priest Murder Case: बेटा होने की भविष्यवाणी गलत साबित होने पर 81 वर्षीय पुजारी की गोली... Mumbai Goregaon News: मुंबई के गोरेगांव में 18 महीने की मासूम की छठी मंजिल से गिरकर मौत, 10 साल की प... बिहार की राजनीति में हलचल, विधायक अनंत सिंह बोले- जब नीतीश कुछ नहीं थे, तब हमने पार्टी के लिए कुर्बा... Lucknow Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ के चर्चित शिवा मर्डर केस में बड़ा खुलासा, नेपाल से वीडियो जार... Naturopathy Treatment: प्राकृतिक चिकित्सा से रोगों का निदान, बिना दवा के स्वस्थ रहने की कला Raipur Women Cricket Match: रायपुर में भारत और जिम्बाब्वे महिला टी-20 मुकाबला आज, महिलाओं के लिए प्र... Bhupesh Baghel Durg Garba Visit: विवाद के अगले दिन दुर्ग के गरबा पंडाल पहुँचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल,... Dhamtari Navratri Kanya Bhoj: धमतरी के सरस्वती शिशु मंदिर में सामूहिक कन्या भोज का आयोजन, नवदुर्गा क... Kanker Journalist Threat: उत्तर बस्तर कांकेर में पत्रकार अभिषेक ठाकुर को मिला जान से मारने की धमकी भ... Korba Durga Puja 2026: ऊर्जाधानी कोरबा में दुर्गा उत्सव की धूम, बांस शिल्प और छतरी थीम वाले पंडाल बन...

एमपी हाई कोर्ट में पहली सुनवाई में वापस ले ली गंदे पानी को लेकर लगाई याचिका

64

इंदौर। नलों में आ रहे दूषित और गंदे पानी की समस्या को लेकर हाई कोर्ट में प्रस्तुत जनहित याचिका याचिकाकर्ता ने पहली सुनवाई पर ही वापस ले ली। कोर्ट ने उनसे कहा कि वे याचिका नए प्रारूप में प्रस्तुत करें। याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने नए प्रारूप में याचिका दायर कर दी है। संभवत: इसकी सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

फौजिया शेख ने किया था दायर

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका पूर्व नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख ने दायर की थी। इसमें नलों में आ रहे गंदे पानी का मुद्दा उठाया गया था। कहा था कि कई जगह नल में ऐसा पानी आ रहा है कि इसे इस्तेमाल तक नहीं कर सकते। याचिकाकर्ता ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से नलों में आ रहे पानी के सैंपल लेकर नगर निगम की लैब में जांच करवाई थी।

रिपोर्ट में चौकाने वाली बात सामने आई कि ज्यादातर जगह नल से आ रहा पानी पीने योग्य नहीं है। कुछ जगह तो इसमें जहरीले तत्व भी मिले। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट और पूर्व पार्षद शेख अलीम ने बताया कि कोर्ट की अनुमति से हमने नए प्रारूप के हिसाब से याचिका प्रस्तुत कर दी है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.