Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ग्राउंड की रेकी का हुआ बड़ा खुलासा
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग करने वाले तीनों मुख्य आरोपी राजस्थान के कोटा से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिए गए हैं. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि रेहान रहीउसुद्दीन अंसारी हरियाणा का, ऋतिक कुमार उर्फ रोशन बिहार के बेगूसराय का और फूल सिंह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है. इस बीच एक नया और बड़ा खुलासा यह हुआ है कि इन सभी आरोपियों ने फायरिंग की इस सनसनीखेज घटना को अंजाम देने से पहले एक फुटबॉल ग्राउंड की पूरी तरह से रेकी की थी. वहीं, आरोपी ऋतिक कुमार के एक ‘रैपिडो राइडर’ होने की बात सामने आने के बाद कंपनी ने अपनी आधिकारिक सफाई पेश करते हुए दावा किया है कि वह पिछले 14 अक्टूबर के बाद से उनके प्लेटफॉर्म पर बिल्कुल एक्टिव नहीं था.
⚽ फुटबॉल ग्राउंड की रेकी और रैपिडो कंपनी का आधिकारिक बयान
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ये सभी शूटर फायरिंग से पहले फुटबॉल ग्राउंड की रेकी करने के लिए पहुँचे थे. आरोपियों ने पिछले रविवार को फुटबॉल ग्राउंड पर जाकर यह पता लगाने की कोशिश की थी कि क्या टाइगर श्रॉफ उस दिन वहाँ मौजूद रहेंगे या नहीं. पुलिस अब इस फायरिंग की घटना से ठीक पहले के दिनों में इन आरोपियों की गतिविधियों और उनकी हरकतों की गहराई से जाँच कर रही है. दूसरी ओर, आरोपी ऋतिक कुमार के मामले में राइड-शेयरिंग कंपनी रैपिडो ने अपना बयान जारी कर कहा है कि वे टाइगर श्रॉफ और उनकी टीम से जुड़ी इस घटना को लेकर बेहद चिंतित हैं और उन्हें राहत है कि अभिनेता सुरक्षित हैं. कंपनी ने स्पष्ट किया कि मीडिया में जिस व्यक्ति का जिक्र किया जा रहा है, वह 14 अक्टूबर से उनके प्लेटफॉर्म पर कैप्टन के रूप में सक्रिय नहीं था, और घटना वाले दिन उसने रैपिडो की सेवाओं का इस्तेमाल केवल एक ग्राहक के रूप में किया था. कंपनी ने यह भी कहा कि वे इस मामले में कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के लगातार संपर्क में हैं और जाँच में पूरा सहयोग कर रहे हैं.
🛡️ टाइगर श्रॉफ को मुहैया कराई गई पुलिस सुरक्षा, वसूली और दहशत फैलाने का अंदेशा
इस जानलेवा फायरिंग की घटना में निशाना बनाए जाने के बाद अभिनेता टाइगर श्रॉफ को स्थानीय प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुलिस सुरक्षा मुहैया करा दी गई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस घटना से पहले टाइगर श्रॉफ के पास किसी भी प्रकार का सुरक्षा कवर नहीं था, जिसके चलते वे हमलावरों के लिए एक आसान निशाना बन गए थे. अब तक की शुरुआती पुलिस जाँच में यह आशंका जताई जा रही है कि पिछले कुछ अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों की तरह इस घटना के पीछे भी फिल्म इंडस्ट्री में दहशत फैलाना और रंगदारी (वसूल) करना ही मुख्य मकसद हो सकता है. हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है ताकि इस साजिश के पीछे के अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके.
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