Latehar Bee Attack News: लातेहार में मधुमक्खियों के हमले से 6 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत, चार बच्चे और एक महिला घायल
रविवार को लातेहार जिले के बरियातू थाना अंतर्गत डाढ़ा गांव में मधुमक्खियों ने अचानक हमला कर दिया. इस भयानक हमले में चार बच्चे और एक वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घायलों में 6 वर्षीय आर्यन कुमार, 8 वर्षीय पीयूष कुमार, 6 वर्षीय आयुष कुमार, 9 वर्षीय अमित भुइयां और करीब 80 वर्षीय रूदनी मसोमात शामिल थीं. इन सभी का शुरुआती इलाज स्थानीय स्तर पर किया गया, लेकिन 6 वर्षीय बच्चे आर्यन की हालत अत्यंत गंभीर हो जाने के कारण परिजन उसे तुरंत बालूमाथ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. गनीमत यह रही कि अन्य सभी घायलों की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.
⚠️ 20 दिनों में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं, पलामू टाइगर रिजर्व के रेंजर ने बताई असली वजह
आपको बता दें कि इस घटना से लगभग 20 दिन पहले ही जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में भी मधुमक्खियों के हमले से एक ही परिवार के एक बच्चे और एक वृद्ध महिला की मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी. इसके अलावा लगभग 25 दिन पहले लातेहार जिला मुख्यालय के पास स्थित झरिया जंगल में भी मधुमक्खियों के हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई थी. इस लगातार बढ़ते मामलों के बीच पलामू टाइगर रिजर्व बेतला रेंज के रेंजर उमेश कुमार दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि मधुमक्खियों के प्राकृतिक व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि वे मुख्य रूप से किसी भी प्रकार के सुगंधित तेल की खुशबू से बहुत ज्यादा आकर्षित होती हैं. इसके अलावा, चमकीले या पीले रंग के कपड़े पहनकर जाने पर भी मधुमक्खियों के हमला करने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
🛡️ मधुमक्खियों के हमले से कैसे बचें? जानिए बचाव के ये महत्वपूर्ण और जरूरी उपाय
रेंजर उमेश कुमार दुबे ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि जहाँ भी मधुमक्खियों ने अपना छत्ता बनाया हुआ हो, वहाँ भूलकर भी सुगंधित तेल लगाकर न जाएं और न ही पीले रंग के कपड़े पहनकर उस रास्ते से गुजरें. यदि इन दो बातों का विशेष ध्यान रखा जाए, तो मधुमक्खियों के हमले का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. उन्होंने यह भी चेताया कि यदि किसी को एक भी मधुमक्खी काट ले, तो उसे तुरंत मारने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि एक मधुमक्खी को मारने पर पूरा झुंड एक साथ हमला कर देता है, जिससे स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है. अचानक मधुमक्खियों का झुंड मंडराने लगे तो जमीन पर पेट के बल लेट जाना चाहिए, और काटने पर तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लेकर उचित इलाज कराना चाहिए.
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