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Pope Leo Lung Cancer News: पोप लियो को फेफड़े का कैंसर डिटेक्ट, वेटिकन ने दी जानकारी; 20 अक्टूबर तक सभी कार्यक्रम रद्द

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महज 17 महीने पहले पोप की गद्दी संभालने वाले पोप लियो को लेकर एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। वेटिकन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पोप लियो को फेफड़े का कैंसर डिटेक्ट हुआ है। यह कैंसर उनके फेफड़े के दाएं हिस्से में पाया गया है। मंगलवार को एक गांठ की सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को इस बात की जानकारी मिली। राहत की बात यह है कि वेटिकन के मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक फिलहाल पोप लियो खतरे से बाहर हैं। उनके दाहिने फेफड़े का एक हिस्सा निकालने के बाद यह कैंसर सामने आया है, जिसे फेफड़ों का एडेनोकार्सिनोमा (Adenocarcinoma) कहा जाता है। यह कैंसर का एक सामान्य रूप माना जाता है।

मई 2025 में पोप फ्रांसिस के निधन के बाद पोप लियो को ईसाई धर्म का सबसे बड़ा गुरु नियुक्त किया गया था। हाल ही में फेफड़े में गांठ की शिकायत के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

🩺 क्या यह पोप के जीवन के लिए बड़ा खतरा है?

71 साल के पोप लियो जिस कैंसर से पीड़ित हैं, उसे चिकित्सीय तौर पर बहुत ज्यादा आक्रामक या खतरनाक नहीं माना जाता है। जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय अस्पताल में हेमेटोलॉजी-ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. स्टीफन लियू ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अगर यह फेफड़ों का छोटा कैंसर है और इसमें लिम्फ नोड्स प्रभावित नहीं हैं, तो केवल सर्जरी के जरिए ही इसका पूरा इलाज संभव हो सकता है।

हालांकि, यदि अंतिम मेडिकल रिपोर्ट्स से कैंसर के अधिक फैलाव का पता चलता है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। फिलहाल वेटिकन ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट में पोप के स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत ज्यादा विस्तृत जानकारियां साझा नहीं की हैं।

📅 20 अक्टूबर तक पोप के सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द

वेटिकन की ओर से जारी संदेश में बताया गया है कि पोप लियो पूरी तरह स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए 20 अक्टूबर तक अस्पताल में ही रह सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए वेटिकन ने उनके आगामी सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों को फिलहाल रद्द कर दिया है।

वेटिकन के स्थापित नियमों के मुताबिक, यदि कोई पोप बीमार होते हैं, तो उनका कोई अंतरिम उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं किया जा सकता। इस दौरान पोप से जुड़े जो भी विशेष निर्णय या कार्य होते हैं, उन्हें अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया जाता है। हालांकि, वेटिकन के सामान्य दैनिक कामकाज (दैनिकचर्या) इस दौरान सुचारू रूप से चलते रहते हैं। बता दें कि पोप दुनिया भर के लगभग 14 लाख कैथोलिकों के सर्वोच्च सांसारिक अधिकारी हैं।

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