Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhopal News: सीएम मोहन यादव का अनूठा अंदाज, मंडला दौरे पर स्कूल बच्चों के बीच पहुंचे और की आत्मीय बा... MP Crime News: सीमेंट कंटेनर में छुपकर लाई जा रही थी अंग्रेजी शराब, राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार MP BJP Update: मंत्री नागर सिंह चौहान और संपतिया उइके विवाद पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा... MP Politics: मुख्यमंत्री पद, बंगला और ट्रांसफर-पोस्टिंग... जानिए कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे की अंद... Bhopal News: सीएम मोहन यादव की अपील, 'एशिया के सबसे बड़े कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं पर्यटक' Dantewada Accident Update: तीरथगढ़ जा रही मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त, जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जा... Chhattisgarh News: रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया स्थापना दिवस, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से यात्रियों की सुर... Palamu News: दुर्गा पूजा पर पलामू प्रमंडल में हाई अलर्ट, पलामू, गढ़वा और लातेहार में सुरक्षा के कड़े... Manoj Tiwari in Giridih: यूजीसी और प्रोटेस्ट के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा, कहा- युवाओं को बहका रहे है... Ranchi News: बाबूलाल मरांडी का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले- देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस

Delhi Protest Venue Update: दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर नहीं होंगे प्रदर्शन, पुलिस ने बदले नियम

3

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब पारंपरिक धरना स्थल जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ चल रहे आंदोलनों और सुरक्षा तथा व्यवस्था के बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसकी जगह अब केवल तीन निर्धारित जगहों—रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड—पर ही प्रदर्शन करने की अनुमति होगी। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा जारी नए स्टैंडिंग ऑर्डर के तहत इन स्थलों को तय किया गया है, जिसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि संसद भवन से इन जगहों की दूरी कितनी है और आखिर जंतर-मंतर को हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई और जंतर-मंतर को हटाने के कारण

यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था, जहाँ 9 अक्टूबर को न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने प्रदर्शन के दौरान ट्रेन और मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की।

  • याचिका और दलीलें: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दाखिल इस याचिका पर सुनवाई के दौरान, सीपीआई(एम) के महासचिव एमए बेबी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और वकील प्रशांत भूषण ने वैकल्पिक जगहों का मुद्दा उठाया।

  • संसदीय सुरक्षा और संप्रभुता: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जुलाई में जंतर-मंतर पर एक दिन की अनुमति दी गई थी, लेकिन प्रदर्शन 17 दिनों तक चला और प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि संसद देश की संप्रभुता का प्रतीक है, इसलिए वहां बिना अनुमति अनियंत्रित भीड़ और प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जा सकती।

🚾 बुनियादी सुविधाएं और जनसुविधाओं की चिंता

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने जंतर-मंतर के आसपास शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस वीआईपी इलाके में सरकारी आवास और सांसदों के घर हैं, जहाँ प्रदर्शनकारियों को बुनियादी जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती है। सॉलिसिटर जनरल ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता और एंबुलेंस के समय पर न पहुंच पाने की कठिनाई का भी जिक्र किया।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के लिए बेहतर सुविधाओं वाली वैकल्पिक जगह तय करने के सुझाव पर विचार करने को कहा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध का सबको अधिकार है, लेकिन कुछ लोग पूरी व्यवस्था को बंधक नहीं बना सकते और आम जनता की जनसुविधाओं का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.