Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Dairy Shifting Project: रतौना-हफसिली डेयरी प्रोजेक्ट में निगम का कड़ा एक्शन, जमा राशि भी की गई रा... Dr. Harisingh Gour University: स्टैनफोर्ड और एल्सेवियर की सूची में सागर यूनिवर्सिटी के 12 प्रोफेसर श... Ramanujganj Van Vatika: तीन महीने में पूरी होगी रामानुजगंज वन वाटिका की तस्वीर, ओपेन जिम और चिल्ड्रे... Raipur Health News: नवरात्रि उपवास में गरबा के साथ कैसे रखें सेहत का ख्याल? जानिए एनर्जी बढ़ाने के आ... Bhilai News: सीएम के कार्यक्रम में बच्चों को घंटों बैठाए रखने पर विवाद, कांग्रेस ने की कार्रवाई की म... Raipur Crime News: आमानाका थाना क्षेत्र में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, AIIMS का सिक्योरिटी गार्... Bastar Local Products: दंतेवाड़ा के जैविक चावल और वनोपज को मिली नई पहचान, महिला FPO ने शुरू किया ब्र... Kavirdha News: कवर्धा में किसानों का बड़ा आंदोलन खत्म, गन्ने का भाव बढ़कर हुआ 425 रुपये, सरकार ने मा... Kanker News: कांकेर के सीएएफ कैंप में अनोखी पहल, जवान रूपधर चौहान अपने हाथों से बना रहे हैं मां दुर्... Jagdalpur News: बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन का बड़ा कदम, 25 करोड़ से अधिक की राहत राशि सीधे ख...

Kavirdha News: कवर्धा में किसानों का बड़ा आंदोलन खत्म, गन्ने का भाव बढ़कर हुआ 425 रुपये, सरकार ने मानी 4 मांगें

2

कवर्धा जिले में पिछले कुछ दिनों से अपनी 23 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे किसानों और भारतीय किसान संघ का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ किसानों के प्रतिनिधिमंडल की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें सरकार ने किसानों की चार प्रमुख मांगों पर मुहर लगा दी है। सरकार के इस सकारात्मक फैसले के बाद किसान संघ ने अपना चक्काजाम और आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी है, जिससे आम जनता और प्रशासन ने बड़ी राहत की सांस ली है।

💰 गन्ने की कीमत में भारी इजाफा, धान तौल और बिजली निजीकरण पर भी बनी सहमति

इस अहम बैठक में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए:

  • गन्ने का भाव: गन्ने की खरीदी दर 329 रुपये से बढ़ाकर सीधे 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है, जिससे गन्ना उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल 96 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

  • अन्य प्रमुख मांगें: कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये अनुदान देने, धान खरीदी केंद्रों में तौल की मात्रा 41.500 किलो से घटाकर 40.700 किलो करने, तथा बिजली के निजीकरण की योजना पर तुरंत रोक लगाने जैसे मुद्दों पर भी सहमति बन गई है।

🤝 आंदोलन स्थगित, लेकिन बाकी लंबित मांगों पर बनी रहेगी नजर

किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा मुख्य मांगें माने जाने के बाद उन्होंने फिलहाल अपना चक्काजाम और आंदोलन स्थगित कर दिया है। हालांकि, जिला प्रशासन के स्तर पर लंबित अन्य मांगों को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की गई है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे आगे की रणनीति तैयार कर बाकी मांगों को पूरा कराने के लिए भी सरकार के संपर्क में बने रहेंगे। वहीं, भारतीय किसान संघ की स्थापना 4 मार्च 1979 को राजस्थान के कोटा में हुई थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है, जो देश भर में किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.