प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में देवघर और संथाल परगना के रेल नेटवर्क के लिए शुक्रवार, 9 अक्टूबर को एक ऐतिहासिक दिन रहा। क्षेत्र में रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बहुप्रतीक्षित जसीडीह रेल बाइपास लाइन का औपचारिक उद्घाटन किया गया। गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुए और हरी झंडी दिखाकर इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय, आसनसोल रेल मंडल के डीआरएम संग्रह मौर्य समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
💰 293 करोड़ की लागत और पांच किलोमीटर लंबी परियोजना
लगभग 293 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई इस करीब पांच किलोमीटर लंबी रेल बाइपास लाइन का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलने (इंजन रिवर्सल) की लंबी प्रक्रिया से मुक्ति दिलाना है। पहले कई ट्रेनों को अपनी आगे की यात्रा जारी रखने से पहले रिवर्सल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसमें काफी समय बर्बाद होता था। इस बाइपास के शुरू होने से वैकल्पिक मार्ग मिलने के कारण ट्रेनों का परिचालन समय पर होगा और यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा।
🛕 धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
देवघर देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शुमार है, जहाँ सालभर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्रावणी मेले और अन्य त्योहारों के दौरान यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। जसीडीह रेल बाइपास लाइन के शुरू होने से न केवल जसीडीह जंक्शन पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम होगा, बल्कि देवघर की रेल कनेक्टिविटी भी अत्यधिक मजबूत होगी। इससे आने वाले दिनों में पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को भी एक नया आयाम और बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है।
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