बिहार के सारण में बाढ़ राहत के दौरान हंगामा: रिवाल्वर लहराने और जूता दिखाने वाले मकेर थाना प्रभारी सस्पेंड
बिहार के सारण जिले से बाढ़ राहत सामग्री वितरण के दौरान पुलिस की अनुशासनहीनता और दबंगई का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। राहत सामग्री बांटने के दौरान एक थाना प्रभारी का रिवाल्वर लहराते हुए वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यह वीडियो जब सारण के एसएसपी रोशन कुमार के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तुरंत इसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद एसएसपी ने कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
निलंबित किए गए थाना प्रभारी का नाम संग्राम सिंह है, जिन्हें सस्पेंड अवधि के दौरान सारण जिला पुलिस लाइन में मुख्यालय बनाया गया है। यह पूरी घटना मकेर थाना क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत वितरण के दौरान घटी थी।
🥾 पहले निकाला जूता, फिर कमर से पिस्तौल निकालकर भीड़ की तरफ लहराई
घटनाक्रम से जुड़े मुख्य विवरण:
-
राहत वितरण के दौरान हंगामा: मकेर थाना क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की देखरेख में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री बांटी जा रही थी। इसी दौरान वहां अचानक हालात बिगड़ गए और लोगों के बीच हंगामा व हल्ला शुरू हो गया।
-
ट्रैक्टर पर चढ़कर बदसलूकी: स्थिति को संभालने के बजाय मकेर थाना प्रभारी संग्राम सिंह खुद राहत सामग्री से लदे ट्रैक्टर पर जा चढ़े। आरोप है कि उन्होंने पहले अपना जूता निकाला और उसके बाद कमर से अपनी सर्विस रिवाल्वर निकालकर सीधे भीड़ की तरफ लहराने लगे।
-
वीडियो वायरल: मौके पर मौजूद कुछ बाढ़ पीड़ितों ने थाना प्रभारी की इस हरकत का पूरा वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
⚖️ कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता: एसएसपी की सख्त कार्रवाई
प्रशासनिक और विभागीय कार्रवाई के बिंदु:
-
जांच रिपोर्ट सही पाई गई: वीडियो सामने आने के बाद जब पुलिस के वरीय अधिकारियों ने इसकी जांच की, तो मामला पूरी तरह सही पाया गया। इसके बाद एसएसपी रोशन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर थाना प्रभारी के निलंबन की आधिकारिक पुष्टि की।
-
लापरवाही का मामला: प्रथम दृष्टया इस पूरी घटना को पुलिस बल के कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही, भारी अनुशासनहीनता और मनमाने आचरण का मामला माना गया है।
-
ग्रामीणों में आक्रोश: पुलिस अधिकारी के इस तरह सरेआम हथियार लहराने और आम जनता के साथ अवांछित व्यवहार करने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और बाढ़ पीड़ितों में गहरा रोष व्याप्त है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.