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रूसी कब्जे वाले ओलेशकी में भुखमरी के हालात: भोजन न मिलने पर घास और कबूतर खाने को मजबूर नागरिक

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4 साल से लगातार जारी जंग की विभीषिका झेल रहे रूसी कब्जे वाले यूक्रेनी शहर ओलेशकी (Oleshky) में भोजन, पानी और जीवनरक्षक दवाइयों की आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय निवासी 5-5 घंटे तक राहत सामग्री की कतारों में खड़े रहते हैं, लेकिन जब कुछ नहीं मिलता तो वे पेट भरने के लिए घास खाने को विवश हो जाते हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 में आखिरी बार इस क्षेत्र में खाद्य सामग्री की खेप पहुंची थी। इसके बाद कई बार मानवीय सहायता भेजने की कोशिश की गई, लेकिन युद्ध के बिगड़े हालातों के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

यूक्रेनी मीडिया आउटलेट ‘यूक्रेन प्रवदा’ की एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध से पहले इस शहर की कुल आबादी लगभग 40 हजार थी, जो अब सिमटकर महज 1,500 रह गई है। यहां अब वही बेबस लोग फंसे हैं, जो खेरसॉन होकर सुरक्षित स्थानों पर नहीं निकल सके। एक स्थानीय महिला ने बताया कि भोजन न मिलने पर वे घास का सूप बनाकर पीते हैं और कई बार जिंदा रहने के लिए कबूतरों व अन्य पक्षियों को मारकर खाना पड़ता है।

⚡ बिजली-पानी ठप और खेती पर संकट: 95 फीसदी लोग कर चुके हैं पलायन

युद्धग्रस्त शहर की बुनियादी स्थिति का विवरण:

  • संपर्क पूरी तरह कटा: यह शहर खेरसॉन से महज 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जब खेरसॉन पर हमला हुआ तो इस शहर का मुख्य संपर्क टूट गया और रूसी सेना ने इस पर नियंत्रण कर लिया।

  • दो साल से बिजली गुल: रिपोर्ट के अनुसार, शहर में बीते 2 वर्षों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। एक स्थानीय व्यापारी ने निजी प्रयासों से कुछ राशन मंगवाया था, वहीं कुछ नागरिक मशरूम और गोभी उगाने का प्रयास करते हैं।

  • लगातार बमबारी से पलायन: लगातार जारी शेलिंग और मिसाइल हमलों के कारण खेती करना लगभग नामुमकिन हो चुका है। यही वजह है कि शहर की लगभग 95 प्रतिशत आबादी पलायन कर चुकी है।

🥚 आसमान छूती महंगाई: 150 रुपये का एक अंडा, 1000 रुपये किलो आलू-प्याज

खाद्य सामग्रियों की बेतहाशा कीमतें:

  • एक अंडे की कीमत: इलाके में भोजन की भारी किल्लत के कारण एक अंडे की कीमत 150 रुपये तक पहुंच चुकी है।

  • सब्जियों के रिकॉर्ड दाम: आलू और प्याज की कीमतें 1,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं।

  • अन्य वस्तुएं: तोरी 600 रुपये प्रति किलो, टमाटर 200 रुपये प्रति किलो और शिमला मिर्च 1,000 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही है। सीमित आमदनी और बचत के बीच आम नागरिकों के लिए इन बुनियादी चीजों को खरीदना भी असंभव हो गया है।

⚔️ रूस-यूक्रेन युद्ध के 4 साल: भारी जनहानि और बर्बादी का मंजर

युद्ध का अब तक का घटनाक्रम:

  • 2022 से जारी जंग: रूस द्वारा फरवरी 2022 में सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच संघर्ष लगातार जारी है।

  • सैनिकों और हथियारों का नुकसान: ‘कीव इंडिपेंडेंट’ के अनुसार, इस जंग में रूस के 15 लाख सैनिक मारे जा चुके हैं। इसके अलावा यूक्रेन द्वारा 2 रूसी सबमरीन, 356 हेलिकॉप्टर और 443 सैन्य विमान नष्ट किए जाने का दावा किया गया है।

  • खंडहर में बदले शहर: राजधानी कीव समेत यूक्रेन के कई ऐतिहासिक और औद्योगिक शहर पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। यूक्रेन के नाटो में शामिल होने के मुद्दे से शुरू हुए इस गतिरोध को खत्म करने के लिए कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन शांति की दिशा में अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है।

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