Ranchi Naxal News: 1 करोड़ के इनामी नक्सली असीम मंडल को स्पीडी ट्रायल से सजा दिलाएगी पुलिस; 55 गंभीर मामले हैं दर्ज
रांची। लंबे समय से झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा पुलिस के लिए सिरदर्द बने रहे 1 करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी कमांडर असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब उसे अदालत से जल्द से जल्द सजा दिलाने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पश्चिम बंगाल से हुई इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस अब उसके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज दर्जनों आपराधिक मुकदमों में प्रभावी पैरवी कर स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) चलाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
🎯 सांसद सुनील महतो और 11 जवानों की हत्या की रची थी साजिश: हत्या और देशद्रोह के 55 मामले दर्ज
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता सह आईजी (अभियान) नरेंद्र सिंह ने बताया कि असीम मंडल उर्फ आकाश के खिलाफ झारखंड के अलग-अलग जिलों में 55 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इनमें जनप्रतिनिधियों की हत्या, सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने, घातक हथियारों की लूट और नक्सली हिंसा भड़काने जैसे संगीन आरोप शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी लंबित मामलों में डिजिटल व तकनीकी साक्ष्यों (Evidence) को संकलित कर अदालत में मजबूती से चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
⚽ 4 मार्च 2007 को हुआ था बाघुरिया का खूनी खेल: फुटबॉल मैच में तत्कालीन सांसद सुनील महतो की हुई थी हत्या
असीम मंडल का नाम राज्य की सबसे चर्चित नक्सली वारदातों में शामिल रहा है।
पूर्वी सिंहभूम के बाघुरिया गांव में 4 मार्च 2007 को आयोजित एक फुटबॉल मैच के दौरान जमशेदपुर के तत्कालीन जेएमएम (JMM) सांसद सुनील महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। मैच के दौरान ही अत्याधुनिक हथियारों से लैस नक्सलियों के दस्ते ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर सांसद सुनील महतो, उनके दो बॉडीगार्ड और एक स्थानीय नेता की निर्मम हत्या कर दी थी। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड की साजिश में असीम मंडल की केंद्रीय भूमिका रही थी।
⚖️ स्पीडी ट्रायल से मिलेगी सजा: आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली बनेंगे अदालत में सरकारी गवाह
पुलिस का मुख्य फोकस केवल असीम मंडल की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ मजबूत अदालती केस तैयार करना है।
आईजी अभियान के अनुसार, जिन मामलों में पहले ही आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल हो चुके हैं, उनमें स्पीडी ट्रायल के तहत तेजी से सुनवाई कराई जाएगी। इस केस में असीम मंडल के दस्ते से जुड़े वे नक्सली, जिन्होंने पहले आत्मसमर्पण किया है या गिरफ्तार हुए हैं, उनकी गवाही बेहद निर्णायक साबित होगी। सांसद सुनील महतो हत्याकांड और 11 जवानों की शहादत के मामले में कई सरेंडर्ड नक्सली अब असीम मंडल के खिलाफ सरकारी गवाह बनने को तैयार हैं।
🔗 सरेंडर और गिरफ्तारी से बेनकाब हुआ माओवादी नेटवर्क: राहुल पाल से लेकर शकुंतला महतो तक के खुले राज
सांसद सुनील महतो हत्याकांड की जांच के दौरान माओवादियों का बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क बेनकाब हुआ है।
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राहुल उर्फ रंजीत पाल: 25 जनवरी 2017 को अपनी पत्नी के साथ पश्चिम बंगाल पुलिस के सामने सरेंडर किया।
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शकुंतला महतो उर्फ पुष्पा: 10 लाख रुपये की इनामी इस महिला नक्सली ने जून 2026 में बंगाल पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
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रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन: सितंबर 2026 में बांकुड़ा (पश्चिम बंगाल) में सरेंडर किया, जिसके तार सुनील महतो हत्याकांड से सीधे जुड़े पाए गए।
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राजेंद्र मुंडा व जयंती: दिसंबर 2017 में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए, जिन्होंने पूछताछ में साजिश की पूरी कड़ियां उजागर की थीं।
🧠 प्रशांत बेसरा के बाद संगठन का मुख्य ‘थिंक टैंक’ था असीम मंडल: ओडिशा और झारखंड में था ₹2.20 करोड़ का कुल इनाम
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बेसरा के बाद माओवादी संगठन में असीम मंडल ही सबसे बड़ा रणनीतिकार और ‘थिंक टैंक’ बचा था।
असीम मंडल पर झारखंड सरकार द्वारा 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था, जबकि ओडिशा सरकार ने उस पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यानी उस पर कुल 2 करोड़ 20 लाख रुपये का संयुक्त इनाम दर्ज था। पुलिस अब रिमांड पर लेकर उससे संगठन के वित्तीय स्रोतों, शहरी नेटवर्क और छिपाकर रखे गए हथियार डंप के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
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