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Delhi Narela Murder: नरेला के प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़, 14 राउंड फायरिंग के बाद हिमांशु भाऊ गैंग के 3 शूटर गिरफ्तार

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नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम दिल्ली के नरेला इलाके में दो दिन पूर्व हुए बहुचर्चित प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार (42) हत्याकांड का दिल्ली पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है।

रोहिणी डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुर्तगाल/विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गैंग के तीन सक्रिय शूटरों को रोहिणी क्षेत्र में एक भीषण मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों पक्षों के बीच करीब 14 राउंड ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। पुलिस की जवाबी आत्मरक्षात्मक कार्रवाई में दो मुख्य शूटरों—दीपक पहलवान और नीतिक के पैरों में गोलियां लगीं, जिन्हें तुरंत काबू कर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मौके से एक नाबालिग सहयोगी सहित कुल तीन आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।

🏋️ जिम के बाहर घात लगाकर की गई थी हत्या: बुलेटप्रूफ गाड़ी से उतरते ही बरसाई थीं गोलियां

वारदात की पृष्ठभूमि और हत्या का तरीका:

  • प्रतिष्ठित कारोबारी थे मृतक: नरेला निवासी मृतक प्रमोद कुमार का इलाके में ‘मुकुल गार्डन’ के नाम से प्रसिद्ध बैंक्वेट हॉल था और वे ‘मुकुल प्रॉपर्टीज’ के नाम से रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार संचालित करते थे।

  • घात लगाकर हमला: दो दिन पूर्व सुबह जब प्रमोद रोजाना की तरह वर्कआउट के लिए जिम पहुंचे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे हथियारबंद बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।

  • रंगदारी का खौफ: प्राथमिक पड़ताल में पता चला है कि प्रमोद को पिछले कुछ समय से लगातार जानलेवा धमकियां और रंगदारी (प्रोटेक्शन मनी) के फोन आ रहे थे। इसी भय के कारण वे अपने एक परिचित की बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे थे। हालांकि, वारदात के वक्त वे जैसे ही वाहन से निकलकर जिम की सीढ़ियों की ओर बढ़े, हमलावरों ने उन्हें संभलने का कोई मौका दिए बिना गोलियों से भून डाला।

💥 रोहिणी में घेराबंदी कर पुलिस ने किया जवाबी प्रहार: 14 राउंड फायरिंग से गूंजा इलाका

एनकाउंटर और धरपकड़ का घटनाक्रम:

  • तकनीकी इनपुट पर दबिश: स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच को सर्विलांस व मुखबिर तंत्र से सूचना मिली थी कि हत्याकांड को अंजाम देने वाले हिमांशु भाऊ गैंग के शार्प शूटर रोहिणी इलाके में सुरक्षित ठिकाने की तलाश में छिपे हुए हैं।

  • पुलिस पर सीधी फायरिंग: पुलिस टीमों ने जब इलाके की घेराबंदी कर बदमाशों को हथियार डालने और आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, तो उन्होंने खुद को घिरता देख पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

  • जवाबी एक्शन में दबोचे आरोपी: पुलिस ने भी बचाव में जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से 14 राउंड गोलियां चलने के बाद दोनों मुख्य आरोपी गोली लगने से जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद टीम ने तत्परता दिखाते हुए नाबालिग समेत तीनों को हथियारों सहित धर दबोचा।

🌐 विदेश में बैठे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से जुड़े तार: रंगदारी न देने पर रची गई थी खूनी साजिश

साजिश की परतें और पुलिस अनुसंधान:

  • रंगदारी न देना बना हत्या की वजह: पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि इस हत्याकांड के तार विदेश से गिरोह चला रहे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से सीधे जुड़े हुए हैं। प्रमोद द्वारा भारी-भरकम रंगदारी की मांग पूरी न करने पर उन्हें रास्ते से हटाने का आदेश दिया गया था।

  • साजिशकर्ताओं की पड़ताल: पुलिस अधिकारी अब पकड़े गए आरोपियों से रिमांड पर लेकर यह पूछताछ कर रहे हैं कि रंगदारी के रूप में कितनी रकम की मांग की गई थी, हत्या के लिए हथियार और वाहन किसने मुहैया कराए थे तथा दिल्ली-एनसीआर में गैंग के कौन-कौन से अन्य स्लीपर सेल या मददगार इस साजिश में शामिल थे।

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