Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dhamanheri Youth Death in UK: बेहतर भविष्य के सपने लेकर इंग्लैंड गए 20 वर्षीय कंवलजीत की अचानक मौत Rewari Food Poisoning News: रेवाड़ी में कन्या पूजन का प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी, द... Kurukshetra Police Encounter: कुरुक्षेत्र में पुलिस और नशा तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, 40 लाख का... Tiger Shroff Firing Case: मात्र 34 हजार रुपए में ली गई थी टाइगर की सुपारी, कोटा से गिरफ्तार हुए तीनो... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल, 28 IPS-HPS अधिकारियों के तबादले Neeraj Kumar Health Update: JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार को पड़ा दिल का दौरा, पटना के मेदांता अस्पता... Jharkhand Drugs Syndicate: झारखंड में NCB का बड़ा एक्शन, रांची और जमशेदपुर से मास्टरमाइंड जिम्मी समे... Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ... Stock Market Holiday Today: विजयादशमी पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें कब होगी नॉर्मल ट्रेडिंग और क... Karnataka Crime News: कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंध के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, पत्नी ने ...

दिल्ली के सभी 39 सब-डिवीजनों में सब-रजिस्ट्रार नियुक्त: पहली बार IT आधारित रैंडमाइजेशन से पोस्टिंग

23

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली के सभी 39 सब-डिवीजनों में पूर्णकालिक सब-रजिस्ट्रारों की नियुक्ति कर दी गई है।

इस पूरी प्रक्रिया की सबसे प्रमुख विशेषता यह रही कि इतिहास में पहली बार अधिकारियों की पोस्टिंग सूचना प्रौद्योगिकी (IT) आधारित रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए संपन्न की गई। यह पूरी प्रशासनिक कवायद अतिरिक्त मुख्य सचिव (सेवाएं) की सीधी निगरानी और मौजूदगी में पारदर्शी ढंग से पूरी हुई। आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या भी बढ़ाकर 39 कर दी गई है, जिससे नागरिकों को अपने नजदीकी उप-मंडल स्तर पर ही रजिस्ट्री व अन्य वैधानिक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

📊 22 से बढ़कर 39 हुई सब-रजिस्ट्रारों की संख्या: 17 नए कार्यालय किए गए अधिसूचित

विस्तार और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुख्य बिंदु:

  • कार्यालयों की संख्या में वृद्धि: दिल्ली में पहले सब-रजिस्ट्रारों की संख्या 22 थी, जिसे अब सभी 39 सब-डिवीजनों के अनुपात में बढ़ाकर 39 कर दिया गया है।

  • 17 नए कार्यालय अधिसूचित: उप-मंडल स्तर पर नागरिकों को सीधे सेवाएं देने के लिए राजस्व विभाग ने 17 नए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया है।

  • क्षेत्रीय सुगमता: इस विस्तार के बाद राजधानी के लोगों को संपत्ति पंजीकरण, दस्तावेज प्रमाणीकरण और राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए दूरदराज के कार्यालयों में नहीं भटकना पड़ेगा।

  • पारदर्शी प्रक्रिया पर संतोष: प्रशासनिक नेतृत्व ने तकनीक आधारित इस पोस्टिंग प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए नवनियुक्त अधिकारियों से पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया है।

🏢 13 राजस्व जिलों के अंतर्गत कामकाज होगा सुचारु: नागरिक सेवाओं को मिलेगी नई गति

प्रशासनिक प्रभाव और कार्यप्रणाली:

  • सभी 13 राजस्व जिले कवर: दिल्ली के सभी 13 राजस्व जिलों के तहत आने वाले 39 सब-डिवीजनों में इन पदों को पूरी तरह भर दिया गया है, जिससे कार्यप्रणाली पहले से अधिक सुचारु और व्यवस्थित हो जाएगी।

  • दैनिक कार्यों में आसानी: सब-रजिस्ट्रार कार्यालय आम नागरिकों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों जैसे जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री, वसीयत, मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) और विवाह पंजीकरण का निष्पादन करते हैं।

  • पारदर्शिता का लाभ: पोस्टिंग प्रक्रिया में मानवीय दखल खत्म होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और नागरिकों को बिचौलियों के बिना त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी।

💻 पोस्टिंग में पहली बार लागू हुआ रैंडमाइजेशन मॉडल: कड़े मानकों के आधार पर हुआ चयन

चयन मानदंड और तकनीकी प्रक्रिया:

  • मानकों का कड़ाई से पालन: इस विशेष तैनाती अभियान के लिए ऐसे सक्षम अधिकारियों के समूह (पूल) को शामिल किया गया जो सेवा के कड़े पैमानों पर खरे उतरे।

  • प्रमुख योग्यताएं: चयन के लिए अधिकारियों का उत्तम स्वास्थ्य रिकॉर्ड, पर्याप्त शेष सेवा अवधि और अनिवार्य रूप से स्पष्ट सतर्कता मंजूरी (Vigilance Clearance) जैसे मानकों को अनिवार्य बनाया गया था।

  • डिजिटल रैंडमाइजेशन: तय मानकों को पूरा करने वाले पात्र अधिकारियों को कंप्यूटर आधारित स्वचालित सॉफ्टवेयर (Randomization System) के माध्यम से बिना किसी पक्षपात के सब-डिवीजन आवंटित किए गए।

  • आधुनिक प्रशासन की मिसाल: सरकार के अनुसार, शासन व्यवस्था में सूचना तकनीक के अधिकतम उपयोग और मेरिट आधारित तैनाती से सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार सुनिश्चित होगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.