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UPI का नया रिकॉर्ड: अगस्त में ₹29.82 लाख करोड़ का लेनदेन, कुल 2,451 करोड़ ट्रांजेक्शन दर्ज; NPCI ने जारी किए आंकड़े

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नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए अगस्त महीने में ₹29.82 लाख करोड़ के ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए हैं, जो अब तक के रिकॉर्ड स्तर के बेहद करीब है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में यूपीआई लेनदेन की कुल संख्या रिकॉर्ड 2,451 करोड़ पर पहुंच गई। इससे पहले जुलाई में यह संख्या 2,366 करोड़, जून में 2,272 करोड़ और मई में 2,320 करोड़ रही थी। मूल्य के लिहाज से अगस्त में हुआ ₹29.82 लाख करोड़ का लेनदेन पिछले साल के इसी महीने (₹24.85 लाख करोड़) की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है।

📈 सालाना आधार पर लेनदेन संख्या में 22% का इजाफा: NPCI का मजबूत नेटवर्क

वार्षिक वृद्धि और संगठन की भूमिका:

  • लेनदेन संख्या में उछाल: एनपीसीआई के अनुसार, अगस्त में ट्रांजेक्शन की संख्या सालाना आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 2,451 करोड़ पर पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,963 करोड़ थी।

  • शीर्ष नियामक निकाय: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) की संयुक्त पहल एनपीसीआई देश में खुदरा भुगतान व त्वरित निपटान प्रणालियों के संचालन का शीर्ष संगठन है, जो रियल-टाइम फंड ट्रांसफर को सुरक्षित बनाता है।

🎁 रक्षाबंधन और त्योहारों का मिला बड़ा लाभ: P2P ट्रांसफर में आई तेजी

त्योहारी सीजन का असर और बाजार विशेषज्ञ की राय:

  • उपहार और घरेलू लेन-देन: कैशफ्री पेमेंट्स के को-फाउंडर रिजू दत्ता के अनुसार, अगस्त में रक्षाबंधन पर्व के चलते पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर और छोटी उपहार राशियों के लेनदेन में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।

  • निरंतर विस्तार: बीते तीन महीनों में ट्रांजेक्शन की संख्या और कुल मूल्य में निरंतर मजबूती भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था में यूपीआई की गहरी पैठ को दर्शाती है।

🌍 दुनिया के 11 देशों में पहुंचा UPI: उज्बेकिस्तान बना सबसे नया साझीदार देश

वैश्विक विस्तार और 10 वर्षों का ऐतिहासिक सफर:

  • ग्लोबल मौजूदगी: भारतीय यूपीआई अब दुनिया के 11 देशों में स्वीकार किया जा रहा है। उज्बेकिस्तान इसमें जुड़ने वाला सबसे नवीनतम देश बन गया है।

  • स्वीकृति देने वाले अन्य देश: सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और यूनान (ग्रीस)।

  • 4,000 गुना वृद्धि: 25 अगस्त 2016 को लॉन्च हुए यूपीआई का सालाना लेनदेन मूल्य वित्त वर्ष 2016-17 के महज ₹0.07 लाख करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग ₹314 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है, जो एक दशक में 4,000 गुना से अधिक का अभूतपूर्व विकास है।

    नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए अगस्त महीने में ₹29.82 लाख करोड़ के ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए हैं, जो अब तक के रिकॉर्ड स्तर के बेहद करीब है।

    भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में यूपीआई लेनदेन की कुल संख्या रिकॉर्ड 2,451 करोड़ पर पहुंच गई। इससे पहले जुलाई में यह संख्या 2,366 करोड़, जून में 2,272 करोड़ और मई में 2,320 करोड़ रही थी। मूल्य के लिहाज से अगस्त में हुआ ₹29.82 लाख करोड़ का लेनदेन पिछले साल के इसी महीने (₹24.85 लाख करोड़) की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है।

    📈 सालाना आधार पर लेनदेन संख्या में 22% का इजाफा: NPCI का मजबूत नेटवर्क

    वार्षिक वृद्धि और संगठन की भूमिका:

    • लेनदेन संख्या में उछाल: एनपीसीआई के अनुसार, अगस्त में ट्रांजेक्शन की संख्या सालाना आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 2,451 करोड़ पर पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,963 करोड़ थी।

    • शीर्ष नियामक निकाय: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) की संयुक्त पहल एनपीसीआई देश में खुदरा भुगतान व त्वरित निपटान प्रणालियों के संचालन का शीर्ष संगठन है, जो रियल-टाइम फंड ट्रांसफर को सुरक्षित बनाता है।

    🎁 रक्षाबंधन और त्योहारों का मिला बड़ा लाभ: P2P ट्रांसफर में आई तेजी

    त्योहारी सीजन का असर और बाजार विशेषज्ञ की राय:

    • उपहार और घरेलू लेन-देन: कैशफ्री पेमेंट्स के को-फाउंडर रिजू दत्ता के अनुसार, अगस्त में रक्षाबंधन पर्व के चलते पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर और छोटी उपहार राशियों के लेनदेन में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।

    • निरंतर विस्तार: बीते तीन महीनों में ट्रांजेक्शन की संख्या और कुल मूल्य में निरंतर मजबूती भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था में यूपीआई की गहरी पैठ को दर्शाती है।

    🌍 दुनिया के 11 देशों में पहुंचा UPI: उज्बेकिस्तान बना सबसे नया साझीदार देश

    वैश्विक विस्तार और 10 वर्षों का ऐतिहासिक सफर:

    • ग्लोबल मौजूदगी: भारतीय यूपीआई अब दुनिया के 11 देशों में स्वीकार किया जा रहा है। उज्बेकिस्तान इसमें जुड़ने वाला सबसे नवीनतम देश बन गया है।

    • स्वीकृति देने वाले अन्य देश: सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और यूनान (ग्रीस)।

    • 4,000 गुना वृद्धि: 25 अगस्त 2016 को लॉन्च हुए यूपीआई का सालाना लेनदेन मूल्य वित्त वर्ष 2016-17 के महज ₹0.07 लाख करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग ₹314 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है, जो एक दशक में 4,000 गुना से अधिक का अभूतपूर्व विकास है।

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