Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dhamanheri Youth Death in UK: बेहतर भविष्य के सपने लेकर इंग्लैंड गए 20 वर्षीय कंवलजीत की अचानक मौत Rewari Food Poisoning News: रेवाड़ी में कन्या पूजन का प्रसाद खाने से तीन बच्चियों की तबीयत बिगड़ी, द... Kurukshetra Police Encounter: कुरुक्षेत्र में पुलिस और नशा तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, 40 लाख का... Tiger Shroff Firing Case: मात्र 34 हजार रुपए में ली गई थी टाइगर की सुपारी, कोटा से गिरफ्तार हुए तीनो... Haryana Police Transfer: हरियाणा में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल, 28 IPS-HPS अधिकारियों के तबादले Neeraj Kumar Health Update: JDU MLC उम्मीदवार नीरज कुमार को पड़ा दिल का दौरा, पटना के मेदांता अस्पता... Jharkhand Drugs Syndicate: झारखंड में NCB का बड़ा एक्शन, रांची और जमशेदपुर से मास्टरमाइंड जिम्मी समे... Tiger Shroff Firing Case Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कोटा से तीनों आरोपी गिरफ्तार, फुटबॉल ... Stock Market Holiday Today: विजयादशमी पर आज बंद रहेगा शेयर बाजार, जानें कब होगी नॉर्मल ट्रेडिंग और क... Karnataka Crime News: कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंध के चक्कर में रची गई खौफनाक साजिश, पत्नी ने ...

भादो का पहला सोमवार आज: कजरी तीज और बहुला चौथ का बना दुर्लभ संयोग; शिवलिंग पर ऐसे करें जलाभिषेक

20

धार्मिक महत्व एवं पर्व संयोग: 31 अगस्त, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत फलदायी और पावन माना जा रहा है। भाद्रपद (भादो) मास का पहला सोमवार होने के साथ-साथ इस दिन कजरी तीज और बहुला चौथ का भी विशेष संयोग बना हुआ है। यद्यपि देवों के देव महादेव की आराधना किसी भी दिन की जा सकती है, परंतु सोमवार के दिन शिव साधना का विशेष विधान शास्त्रों में बताया गया है। इस दिन श्रद्धालु शिवालयों में जाकर शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चा दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर सुख-शांति व आरोग्य की कामना करते हैं।

🔱 सोमवार और शिव पूजा का गहरा संबंध: चंद्रमा को मस्तक पर धारण कर कहलाए ‘चंद्रशेखर’

सोमवार के दिन शिव उपासना का कारण:

  • ‘सोम’ का अर्थ चंद्रमा: ज्योतिष और पौराणिक मान्यताओं में सोमवार का दिन ‘सोम’ यानी चंद्रमा को समर्पित है, जो मन, शीतलता और भावनाओं के नियंत्रक ग्रह हैं।

  • संकटमोचक बने महादेव: जब चंद्रदेव गंभीर संकट और श्राप से घिर गए थे, तब उन्होंने भगवान शिव की शरण ली थी। भोलेनाथ ने न केवल उनके कष्ट का निवारण किया, बल्कि उन्हें अपने मस्तक पर धारण कर देवलोक में सर्वोच्च सम्मान भी प्रदान किया।

  • मानसिक शांति और चंद्र दोष निवारण: मान्यता है कि सोमवार को शिवलिंग का जलाभिषेक करने से कुंडली के चंद्र दोष शांत होते हैं और मानसिक तनाव व चिंताओं से मुक्ति मिलती है।

⚡ दक्ष प्रजापति का क्रोध: चंद्रदेव को क्यों मिला था क्षय रोग का भयंकर श्राप?

पौराणिक कथा और नक्षत्रों का संदर्भ:

  • दक्ष की 27 पुत्रियों से विवाह: पौराणिक मान्यता के अनुसार चंद्रदेव का विवाह राजा दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं से हुआ था, जो आकाशमंडल के 27 नक्षत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

  • रोहिणी से अत्यधिक अनुराग: चंद्रदेव अपनी सभी पत्नियों में रोहिणी से सबसे अधिक प्रेम करते थे और अधिकांश समय उन्हीं के साथ व्यतीत करते थे, जिससे अन्य पत्नियों में असंतोष फैल गया।

  • दक्ष का श्राप: जब चंद्रदेव ने दक्ष प्रजापति की निष्पक्ष रहने की चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया, तो क्रोधित होकर दक्ष ने उन्हें धीरे-धीरे क्षीण होने वाले ‘क्षय रोग’ (Tuberculosis/Wasting) का श्राप दे दिया, जिसके प्रभाव से चंद्रमा का तेज और कलाएं समाप्त होने लगीं।

✨ तपस्या से प्रसन्न हुए भोलेनाथ: ऐसे बनी कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की व्यवस्था

श्राप से मुक्ति और चंद्रमा की कलाएं:

  • कठोर तपस्या: क्षीण होते तेज से व्याकुल होकर चंद्रदेव ने भगवान शिव की घोर तपस्या की और श्राप मुक्ति की प्रार्थना की।

  • वरदान का स्वरूप: महादेव ने प्रजापति के श्राप का मान रखते हुए ऐसा संतुलन बनाया कि श्राप का प्रभाव स्थायी न रहे। इसी कारण चंद्रमा एक पक्ष (कृष्ण पक्ष) में घटते हैं और दूसरे पक्ष (शुक्ल पक्ष) में अपनी कलाओं को पुनः प्राप्त करते हुए बढ़ते हैं।

  • चंद्रशेखर नामकरण: भगवान शिव ने चंद्रदेव को अपने शीश पर स्थान देकर अमरता और दिव्यता प्रदान की, जिसके बाद से उन्हें ‘चंद्रशेखर’ और ‘शशिशेखर’ के नाम से जाना जाने लगा।

🙏 सोमवार शिव पूजा की सरल विधि और पूजन सामग्री

पूजन विधि और मनोकामना पूर्ति:

  • प्रातः स्नान व संकल्प: सोमवार को सूर्योदय के समय स्नान कर श्वेत अथवा स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मन में व्रत या पूजा का संकल्प लें।

  • जलाभिषेक व पूजन सामग्री: शिवलिंग पर तांबे के पात्र से शुद्ध जल, गंगाजल अथवा कच्चा दूध अर्पित करें। इसके बाद चंदन का त्रिपुंड लगाएं और अक्षत, बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र व सफेद फूल चढ़ाएं।

  • सुख-समृद्धि की प्रार्थना: ‘ॐ नमः शिवाय’ अथवा महामृत्युंजय मंत्र का जप करते हुए आरती करें। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से घर-परिवार में खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.