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सागर-रीवा-शहडोल संभाग में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; टीकमगढ़ में नाले उफान पर, भोपाल में सीजन कोटे के करीब पहुंचा मानसून

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भोपाल (मध्य प्रदेश): राज्य के कई हिस्सों में मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने से आगामी 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश और फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) जैसी स्थितियां बनने की आशंका है।

मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, 27 अगस्त को प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी अंचल के 17 जिलों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इन संवेदनशील जिलों में 2.5 से 4 इंच (64 मिमी से 100 मिमी से अधिक) तक वर्षा दर्ज हो सकती है। विशेष रूप से सागर, रीवा और शहडोल संभाग में सिस्टम का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिलेगा।

📍 17 जिलों में 4 इंच तक बारिश का अनुमान: इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग की चेतावनी सूची:

  • अलर्ट वाले जिले: विदिशा, गुना, शिवपुरी, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भारी वर्षा का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

  • संभागों पर असर: मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, मानसूनी द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण के चलते सागर, रीवा और शहडोल संभागों में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।

  • हल्की से मध्यम बारिश वाले क्षेत्र: भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और डिंडोरी में गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बौछारें पड़ने के आसार हैं।

🌊 ग्वालियर-चंबल के 5 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा: जलग्रहण क्षेत्रों में सतर्कता

बाढ़ और जलभराव का जोखिम:

  • फ्लैश फ्लड प्रभावित क्षेत्र: भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी जिलों के निचले इलाकों और प्राकृतिक जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने की आशंका है।

  • नमी और निकासी की समस्या: लगातार हो रही बारिश से मिट्टी में पानी सोखने की क्षमता कम हो गई है, जिससे निचले इलाकों में पानी तेजी से जमा हो सकता है।

  • सुरक्षा निर्देश: मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन ने नदी-नालों और रपटों के किनारे रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने और उफनते जलस्रोतों से दूर रहने की सलाह दी है।

🚫 टीकमगढ़ में उफान पर नाले: हाईवे और प्रमुख संपर्क मार्गों पर आवागमन प्रभावित

जमीनी स्थिति और जलभराव:

  • टीकमगढ़ में भारी बारिश: जिले में औसत 2.6 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि पलेरा और मोहनगढ़ क्षेत्रों में लगभग 4 इंच तक पानी बरसा।

  • बाधित मार्ग: टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर पूनौल नाला, टीकमगढ़-छतरपुर मार्ग पर बलदेवगढ़ नाला और टीकमगढ़-लिधौरा मार्ग पर पुलों के ऊपर पानी बहने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

  • ओरछा और निवाड़ी में रिकॉर्ड बारिश: ओरछा में 155 मिमी, जबकि जीरापुर और निवाड़ी में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। शहर की भटनागर और कौशलपुरी कॉलोनियों में जलभराव की समस्या बनी हुई है।

📊 भोपाल में 38 इंच बारिश पूरी: 29 अगस्त से बारिश में ब्रेक के संकेत

राजधानी की स्थिति और आगामी मौसम:

  • भोपाल के आंकड़े: भोपाल में सीजन की कुल बारिश 961.8 मिमी (करीब 38 इंच) तक पहुंच चुकी है। सीजन का सामान्य कोटा (42 इंच) पूरा करने के लिए अब केवल 4 इंच पानी की आवश्यकता है।

  • अगस्त का रिकॉर्ड टूटा: इस वर्ष अगस्त माह में अब तक 440.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जिसने पिछले वर्ष के अगस्त माह के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

  • बारिश में ब्रेक: 27 और 28 अगस्त को सक्रिय रहने के बाद 29 व 30 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में अस्थायी कमी (Monsoon Break) आएगी, जिसके बाद सितंबर के प्रथम सप्ताह में मानसून की नई प्रणाली पुनः सक्रिय होगी।

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