डुमरी विधायक जयराम महतो और थाना प्रभारी विवाद में पुलिस एसोसिएशन का अल्टीमेटम: माफी मांगें विधायक, आंदोलन की चेतावनी
धनबाद (झारखंड): डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बीच फोन पर हुई तीखी बातचीत का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद विवाद गहराता जा रहा है।
इस मामले को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन की धनबाद शाखा ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने विधायक पर थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज व अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है। साथ ही सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कदम नहीं उठाए गए, तो जिले के सभी पुलिस पदाधिकारी और कर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
📋 एसोसिएशन का आरोप: गाली-गलौज और सत्ता परिवर्तन के बाद सबक सिखाने की दी धमकी
पुलिस एसोसिएशन की विज्ञप्ति के मुख्य बिंदु:
-
विज्ञप्ति में कड़ी आपत्ति: एसोसिएशन की दो पन्नों की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 21 अगस्त की रात विधायक और थाना प्रभारी के बीच हुई बातचीत में अत्यंत अमर्यादित और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
-
मनोबल गिराने का आरोप: आरोप है कि बातचीत के दौरान ‘सरकार बदलने के बाद देख लेने’ जैसी धमकियां दी गईं, जिससे पुलिस बल के मान-सम्मान और कार्यकुशलता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
-
24 घंटे का अल्टीमेटम: पुलिस मेंस एसोसिएशन और पुलिस एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से मामले को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी है कि सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा।
🎙️ ऑडियो पर विधायक की सफाई: “AI और एडिटिंग से की गई छेड़छाड़, हटाए गए कई हिस्से”
जयराम महतो का पक्ष और आरोप:
-
ऑडियो में छेड़छाड़ का दावा: विधायक जयराम महतो ने वायरल ऑडियो को पूरी तरह वास्तविक मानने से इनकार किया है। उनका दावा है कि ऑडियो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडिटिंग टूल्स के जरिए कई अहम हिस्सों को बदला और काटा गया है।
-
कड़े लहजे की बात स्वीकारी: उन्होंने स्वीकार किया कि जनहित के मुद्दों पर अधिकारियों से कड़ाई से बात करना जनप्रतिनिधि का दायित्व है और वे पहले भी कई वरिष्ठ अधिकारियों को जनता के हित में फटकार लगा चुके हैं।
-
फोन न काटने पर सवाल: विधायक ने तर्क दिया कि यदि वे इतने उग्र और अभद्र थे, तो थाना प्रभारी ने फोन क्यों नहीं काटा? उनका कहना है कि बातचीत का संदर्भ बदलकर केवल चुनिंदा हिस्से प्रसारित किए गए हैं।
-
थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप: विधायक ने थाना प्रभारी पर बालू के अवैध कारोबार से वसूली और अनुचित संबंधों के आरोप लगाते हुए मामले को नया मोड़ दे दिया है।
-
गोपनीयता हनन पर कानूनी कार्रवाई: निजी व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक करने को निजता का हनन बताते हुए विधायक ने कानूनी कदम उठाने की बात कही है।
⚖️ बड़ापिछरी पंचायत विवाद से शुरू हुआ मामला: विधायक समेत 10 पर केस दर्ज
विवाद की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति:
-
फर्जीवाड़े का मूल मामला: यह विवाद बरवाअड्डा थाना क्षेत्र की बड़ापिछरी पंचायत से शुरू हुआ, जहां मुखिया यशोदा देवी ने एक ग्रामीण गणेश दास पर फर्जी हस्ताक्षर व मुहर से जाति व आवासीय प्रमाण पत्र बनाने का आरोप लगाया था।
-
थाने में झड़प: पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी के समर्थन में विधायक अपने समर्थकों संग थाने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे की स्थिति बन गई।
-
पारस्परिक प्राथमिकी: दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराने के बाद, पुलिस प्रशासन ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में विधायक जयराम महतो सहित 10 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.