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रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ में विभिन्न कारणों से स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा।

शाला अप्रवेशी (जिन्होंने कभी दाखिला नहीं लिया), शाला त्यागी (बीच में स्कूल छोड़ने वाले) और विशेष आवश्यकता वाले (CWSN) बच्चों की सटीक पहचान के लिए राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा द्वारा ‘लइका चिन्हारी’ मोबाइल ऐप (Laika Chinhari App) विकसित किया गया है। इस ऐप के माध्यम से मैदानी स्तर पर जमीनी सर्वेक्षक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और प्रत्येक बच्चे का प्रामाणिक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेंगे।

📚 घर-घर सर्वे के बाद होगा सीधा दाखिला, पढ़ाई जारी रखने की होगी सतत निगरानी

डिजिटल ट्रैकिंग और समग्र शिक्षा की योजना के मुख्य बिंदु:

  • घर-घर डिजिटल सर्वे: शिक्षकों और क्षेत्रीय अमले द्वारा मोबाइल ऐप के जरिए प्रत्येक क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा, जिससे वास्तविक ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान हो सके।

  • पुनः प्रवेश एवं ट्रैकिंग: सर्वे में चिन्हांकित सभी बच्चों को उनकी आयु और योग्यता के अनुसार नजदीकी शासकीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा।

  • सतत निगरानी (Retention Tracking): शिक्षा विभाग का मुख्य लक्ष्य केवल बच्चों की पहचान कर दाखिला कराना ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई जारी रखने की डिजिटल निगरानी करना है ताकि वे दोबारा स्कूल न छोड़ें।

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