Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Weather News Today: यूपी-बिहार से लेकर दिल्ली तक छाएंगे बादल, जानें आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम Jantar Mantar Protests: गृह मंत्रालय के प्रतिबंध के बाद भी धरने पर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के नेता... Bhopal News: सीएम मोहन यादव का अनूठा अंदाज, मंडला दौरे पर स्कूल बच्चों के बीच पहुंचे और की आत्मीय बा... MP Crime News: सीमेंट कंटेनर में छुपकर लाई जा रही थी अंग्रेजी शराब, राजस्थान का तस्कर गिरफ्तार MP BJP Update: मंत्री नागर सिंह चौहान और संपतिया उइके विवाद पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का बड़ा... MP Politics: मुख्यमंत्री पद, बंगला और ट्रांसफर-पोस्टिंग... जानिए कांग्रेस सरकार गिरने के पीछे की अंद... Bhopal News: सीएम मोहन यादव की अपील, 'एशिया के सबसे बड़े कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं पर्यटक' Dantewada Accident Update: तीरथगढ़ जा रही मिनी बस दुर्घटनाग्रस्त, जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जा... Chhattisgarh News: रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया स्थापना दिवस, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से यात्रियों की सुर... Palamu News: दुर्गा पूजा पर पलामू प्रमंडल में हाई अलर्ट, पलामू, गढ़वा और लातेहार में सुरक्षा के कड़े...

MP में 3.5 लाख NGO, ट्रस्ट और सोसायटियों पर शिकंजा: अब ऑनलाइन होगी कामकाज और ऑडिट की निगरानी, फर्जी संस्थाएं होंगी बंद

18

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में केवल कागजों पर संचालित हो रहे फर्जी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), धार्मिक व सामाजिक ट्रस्टों, शिक्षण समितियों और सोसायटियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी पूरी कर ली है।

प्रदेश भर में पंजीकृत लगभग 3.5 लाख गैर-सरकारी और सामाजिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, नियमित चुनाव प्रक्रिया, सदस्यता विवरण और वित्तीय खर्चों की निगरानी अब पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संस्थाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और सरकारी अनुदान या जनसहयोग के दुरुपयोग को रोकना है।

💻 रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज ने प्रक्रिया की डिजिटल, फर्जी संस्थाओं पर लगेगी रोक

डिजिटल व्यवस्था और निगरानी के प्रमुख बिंदु:

  • डिजिटल वार्षिक रिटर्न: रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज ने सभी पंजीकृत संस्थाओं के लिए अपनी वार्षिक प्रगति रिपोर्ट, वित्तीय लेखा-जोखा और ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल से जोड़ दिया है।

  • फर्जी संस्थाओं की पहचान: बिना वैध ऑडिट, बिना कार्यकारिणी चुनाव और कागजों में संचालित फर्जी संस्थाओं की पहचान कर उनके पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई तेज की जाएगी।

  • वित्तीय पारदर्शिता: सभी लेन-देन और अनुदान का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज होने से आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.