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एसिडिटी की समस्या से कैसे पाएं राहत? जानें क्या है ‘लोअर इसोफेगल स्फिंक्टर’ और चीनी का असली रोल

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सीने में जलन, अपच, पेट का फूलना और खट्टी डकार आना—भारत में बिगड़े हुए पाचन तंत्र (Digestive System) का शिकार बड़ी संख्या में लोग हैं। चिकित्सीय भाषा में इसे GERD (गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज या एसिड रिफ्लक्स) कहा जाता है। यद्यपि इससे पीड़ित लोगों का कोई सटीक सरकारी आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, किंतु अनुमानतः 10 में से 5 लोग किसी न किसी रूप में इसकी चपेट में अवश्य हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एसिडिटी की समस्या अचानक उत्पन्न नहीं होती; बल्कि लंबे समय तक अनियमित खान-पान और बिगड़े हुए पाचन के कारण यह जन्म लेती है। शुरुआती लक्षणों में सीने में जलन रहती है, जिसे समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो दांतों के इनेमल घिसने से लेकर आहार नली को गंभीर क्षति पहुँच सकती है।

🍬 क्या अधिक चीनी खाने से सीधे बढ़ती है एसिडिटी? जानें एक्सपर्ट की राय

अक्सर लोग यह मानते हैं कि केवल मसालेदार, तला-भुना या तीखा खाना ही एसिडिटी का कारण बनता है। किंतु क्या मीठी चीजें खाने से भी एसिड रिफ्लक्स बढ़ता है?

इस विषय पर कैलाश दीपक हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी) डॉ. जतिंद्र सिंह भोगल बताते हैं कि अधिकांश लोगों को लगता है कि चीनी खाने से सीधे एसिड रिफ्लक्स होता है, किंतु यह पूरी तरह सही नहीं है। केवल चीनी को एसिडिटी का सीधा कारण नहीं माना जा सकता, यद्यपि जिन खाद्य पदार्थों में शर्करा (शुगर) की मात्रा अधिक होती है, वे आपकी परेशानी को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

🧬 क्यों होता है एसिड रिफ्लक्स और क्या है ‘लोअर इसोफेगल स्फिंक्टर’?

डॉक्टरों के अनुसार, एसिड रिफ्लक्स तब होता है जब खाने की नली (Food Pipe) और पेट के मध्य मौजूद एक विशेष मांसपेशी, जिसे लोअर इसोफेगल स्फिंक्टर (LES) कहते हैं, कमजोर हो जाती है अथवा सही समय पर बंद नहीं हो पाती।

इसके कमजोर होने के कारण पेट में बनने वाला पाचक एसिड वापस ऊपर खाने की नली की ओर प्रवाहित होने लगता है। इसके परिणामस्वरूप सीने में तेज जलन, मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद आना और बार-बार डकार आने जैसी शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

🍰 एसिड रिफ्लक्स में चीनी का क्या है रोल? क्यों पेस्ट्री और मिठाइयां बढ़ाती हैं परेशानी

अब प्रश्न उठता है कि इस पूरी प्रक्रिया में चीनी की क्या भूमिका है? जिन खाद्य पदार्थों में चीनी का स्तर अधिक होता है, उनमें अक्सर फैट (वसा) और कैलोरी भी अत्यधिक मात्रा में पाई जाती हैं।

उदाहरण के तौर पर—केक, पेस्ट्री, चॉकलेट, आइसक्रीम, मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स और पारंपरिक मिठाइयां। ये भारी चीजें पेट को धीरे-धीरे खाली होने देती हैं और समय के साथ शरीर का वजन बढ़ाती हैं। जब पेट का वजन और चर्बी बढ़ती है, तो पेट पर अंदरूनी दबाव बढ़ता है, जिससे एसिड का ऊपर आहार नली की तरफ आना आसान हो जाता है। इसलिए केवल अकेली चीनी नहीं, बल्कि आपकी संपूर्ण अस्वास्थ्यकर खान-पान की शैली एसिड रिफ्लक्स को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाती है।

🥗 एसिडिटी और सीने की जलन से बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान

यदि आपको प्रतीत होता है कि मीठा अथवा भारी भोजन करने के बाद आपकी समस्या बढ़ जाती है, तो ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें और एक फूड डायरी (Food Diary) बनाएं ताकि आप पहचान सकें कि कौन-कौन सी चीजें आपके लिए ‘ट्रिगर’ का काम कर रही हैं।

  • एक ही बार में अत्यधिक भोजन करने से बचें, छोटे-छोटे अंतराल पर खाएं।

  • भोजन करने के तुरंत बाद लेटें नहीं; कम से कम 2 से 3 घंटे तक टहलें या बैठे रहें।

  • अपने शरीर का वजन संतुलित रखें और अत्यधिक वसायुक्त भोजन से परहेज करें।

  • यदि सीने में जलन बार-बार होती है या जीवनशैली में बदलाव के बाद भी ठीक नहीं हो रही, तो गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट से तुरंत परामर्श लें, क्योंकि लंबे समय तक रहने वाले GERD के लिए उचित चिकित्सकीय जांच और उपचार आवश्यक होता है।

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