पेपर लीक के ‘Proceeds of Crime’ की होगी जांच: ED खंगालेगी पूरा नेटवर्क, NEET-UG मामले में भी जल्द हो सकती है बड़ी एंट्री
नई दिल्ली: देश भर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामलों को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अब अत्यंत सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इसी क्रम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पेपर लीक केस में एक साथ कई राज्यों में ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ईडी ने राजस्थान, हरियाणा, असम (गुवाहाटी), बिहार (पटना), कर्नाटक (बेंगलुरु), महाराष्ट्र और झारखंड में स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकियों (FIR) को अपने स्तर पर वित्तीय जांच हेतु टेकओवर कर लिया है।
💰 केवल पेपर लीक नहीं, अब मनी ट्रेल और Proceeds of Crime की गहराई से होगी जांच
विभिन्न राज्यों में पेपर लीक से संबंधित दर्ज एफआईआर को हस्तगत करने के बाद ईडी की जांच का केंद्र बिंदु अब केवल लीक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा।
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी का मुख्य फोकस इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन, अवैध संपत्तियों और संगठित मनी ट्रेल (Money Trail) का पर्दाफाश करना है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि अपराध से कितनी अवैध आय (Proceeds of Crime) अर्जित की गई और इस अवैध कमाई का उपयोग किन-किन अचल संपत्तियों एवं बेनामी खातों में किया गया है।
🕵️ पैसे कहाँ से आए और किन-किन तक पहुंचे, ED खंगालेगी पूरा सिंडिकेट
वित्तीय जांच के दौरान ईडी की विशेष विंग यह स्पष्ट करेगी कि पेपर लीक सिंडिकेट में शामिल मुख्य आरोपियों ने अब तक कितनी कुल रकम जुटा ली थी।
पैसा किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंचा और आगे किन-किन प्रभावशाली व पर्दे के पीछे बैठे मास्टरमाइंडों तक पहुंचाया गया, इसकी परत दर परत पड़ताल की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, आगामी दिनों में इस जांच का दायरा और अधिक व्यापक हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि बहुचर्चित NEET-UG पेपर लीक मामले में भी बहुत जल्द ईडी की औपचारिक एंट्री हो सकती है, जिससे इस प्रकरण के आर्थिक पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।
🏛️ NEET-UG पेपर लीक मामले पर बढ़ा राजनीतिक पारा, संसद से सड़क तक संग्राम
गौरतलब है कि हाल ही में NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण को लेकर देश भर के छात्रों और अभिभावकों में भारी जनाक्रोश देखने को मिला था।
इस संवेदनशील मुद्दे के कारण पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से त्यागपत्र तक देना पड़ा था, जिसके पश्चात केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एवं संपूर्ण परीक्षा प्रणाली में सुधारात्मक कदम उठाए थे। वर्तमान में इस मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा जारी है, जहां कांग्रेस सहित संपूर्ण विपक्षी दल पेपर लीक पर विशेष चर्चा कराने और सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर लगातार हमलावर बने हुए हैं।
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