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मध्य प्रदेश में UCC के खिलाफ मुस्लिम संगठनों का बड़ा आंदोलन: 16 अगस्त से महिलाएं सौंपेंगी ज्ञापन, आरिफ मसूद का ऐलान

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भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) विधेयक के मसौदे को लेकर सियासत और सामाजिक विरोध तेज हो गया है। राजधानी भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य एवं कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद तथा बोर्ड के अन्य वरिष्ठ सदस्य मुफ्ती जुनैद फलाई ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर यूसीसी के विरोध में पूरे प्रदेश में चलाए जाने वाले बड़े आंदोलन की रूपरेखा साझा की। विधायक आरिफ मसूद ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “मध्य प्रदेश में हाल ही में लाया गया यूसीसी बिल न केवल अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर प्रहार है, बल्कि यह देश के संविधान का भी मखौल उड़ा रहा है।” उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 सभी नागरिकों को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता देता है, किंतु यह विधेयक हर धर्म के इस मूल अधिकार को प्रभावित करेगा। इसके विरोध में अब प्रदेशव्यापी ज्ञापन और जन-संवाद अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।

📜 “अनुच्छेद 25 पर सीधा प्रहार है UCC”: हर जिले में महिलाएं सौंपेंगी महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

आंदोलन की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 इस देश के प्रत्येक नागरिक को अपने धार्मिक विश्वासों व परंपराओं के पालन की पूर्ण आजादी देता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी का वर्तमान ड्राफ्ट सीधे तौर पर मुस्लिम समाज के धार्मिक व व्यक्तिगत अधिकारों को प्रभावित करता है, जिस पर सरकार को अविलंब पुनर्विचार करना चाहिए। मसूद ने कहा कि उन्होंने इस विषय को राज्य विधानसभा के पटल पर भी मजबूती से उठाया था और मांग की थी कि अधिकारों की रक्षा हेतु इस पर विस्तृत व निष्पक्ष चर्चा कराई जानी चाहिए।

🏛️ विधानसभा में सिलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग खारिज, अदालत से इंसाफ की उम्मीद

आरिफ मसूद ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष ने सदन के भीतर इस संवेदनशील विधेयक को विस्तृत समीक्षा हेतु ‘सिलेक्ट कमेटी’ (प्रवर समिति) के पास भेजने का संशोधन प्रस्ताव रखा था।

वे चाहते थे कि समाज के सभी वर्गों और विशेषज्ञों से इस पर व्यापक विचार-विमर्श हो सके, किंतु राज्य सरकार ने पुनर्विचार की इस न्यायोचित मांग को सीधे खारिज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर राज्य का आदिवासी समाज भी उनके साथ खड़ा है। मसूद ने विश्वास व्यक्त किया कि जन-आंदोलन के बाद न्यायपालिका भी इस लोकतांत्रिक माहौल और संवैधानिक प्रावधानों का संज्ञान लेकर समाज को इंसाफ प्रदान करेगी।

📊 जन-समर्थन के आंकड़ों पर उठाए गंभीर सवाल: “8 से 10 दिनों में अचानक कैसे बढ़े 8 लाख लोग?”

प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस विधायक ने सरकार द्वारा यूसीसी के पक्ष में जारी जन-समर्थन के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि 22 तारीख तक आधिकारिक रूप से केवल 2,200 लोगों का समर्थन ही दर्ज किया गया था। लेकिन, जब प्रक्रिया में महज 8 से 10 दिनों की मोहलत बढ़ाई गई, तो यह संख्या जादुई रूप से बढ़कर 7 से 8 लाख तक पहुंचा दी गई। मसूद ने आरोप लगाया कि इस अचानक आई बाढ़ में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस और मशीनी माध्यमों का अनुचित उपयोग कर आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।

📢 16 से 20 अगस्त तक चलेगा ज्ञापन अभियान, 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में 17 महिलाएं होंगी शामिल

यूसीसी के विरोध हेतु ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीअत उलेमा-ए-हिंद तथा मिली काउंसिल सहित कई प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने एकजुट होकर संयुक्त मोर्चा बनाया है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 अगस्त से 20 अगस्त तक पूरे प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस ज्ञापन अभियान की सबसे विशेष बात यह होगी कि ज्ञापन देने वाले 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में 17 महिलाएं शामिल रहेंगी। इसके उपरांत, 21 अगस्त से संपूर्ण मध्य प्रदेश में सर्व-समाज जन-संवाद अभियान प्रारंभ किया जाएगा, जिसमें अन्य सभी समुदायों व धार्मिक वर्गों से भी सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा।

✊ ‘राइट ऑफ द अनहर्ड’ (Right of the Unheard) मंच का गठन, शोषित व वंचित वर्ग की उठेगी आवाज

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मौलाना जुनैद फलाई ने घोषणा की कि समाज में एक बहुत बड़ा ऐसा वर्ग मौजूद है जो शोषित, वंचित और बेआवाज है, जिसकी कहीं सुनवाई नहीं हो पाती।

ऐसे सभी पीड़ित व वंचित वर्गों को एक साझा मंच प्रदान करने हेतु ‘राइट ऑफ द अनहर्ड’ (Right of the Unheard) नाम से एक विशेष सामाजिक संगठन/समूह खड़ा किया जाएगा। यह मंच समाज के सभी शोषित और वंचित तबकों के अधिकारों के लिए पूरी मजबूती के साथ आवाज बुलंद करेगा और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में कार्य करेगा।

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