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राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र ‘पंडो जनजाति’ की जमीन पर कब्जा! न्याय की गुहार के बाद एक्शन में प्रशासन, दोषियों पर गिरेगी गाज

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सरगुजा : राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का दर्जा पाने वाले पंडो जनजाति के लोगों की जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है. बड़ी बात ये है कि जिस जमीन को खुद देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने दिया हो उस जमीन के कूट रचित दस्तावेज भी तैयार कर दिए गए. जनजाति समाज की जमीन जो आर्टिकल 170 (ख) के नियमों के तहत किसी भी गैर आदिवासी को नहीं बेची जा सकती है, उसी पर ओबीसी वर्ग का आधिपत्य कैसे हो गया.

बीजेपी और कांग्रेस में अब बयानबाजी

बहरहाल इस गांव के पंडो समाज के लोग अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर इस मामले में सियासी लोग भी कूद पड़े हैं, हालांकि बीजेपी जिलाध्यक्ष भारत सिंह के हस्तक्षेप के बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले में संज्ञान ले लिया है और प्रशासन कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है. वहीं कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने भी पंडो समाज की जमीन पर कब्जे को गलत बताया है. हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में ज्यादातर लोग गोचर भूमि पर काबिज हैं, लेकिन कुछ ने पंडो की जमीन पर भी कब्जा जमाया है. उन्होंने कहा कि पंडो की जमीन से कब्जा हटाना विधि सम्मत कार्रवाई है. लेकिन कुछ लोग पंडो समाज का उपयोग कर इसे अल्पसंख्यक बनाम बहुसंख्यक बनाने में लगे हैं

आपको बता दें कि जिले लखनपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मांजा के राजाकटेल मोहल्ले से पण्डो समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक सरगुजा को ज्ञापन सौंपकर मांग रखी है कि विशेष संरक्षित जनजाति पण्डो समाज के लोगों की भूमि को कूट रचना कर अवैध नाम दर्ज कराने वाले, जाति सूचक गाली गलौज एवं जान से मारने की धमकी देने वाले लोगों पर अपराध दर्ज कराने आज लोग एसपी सरगुजा के पास पहुंचे.

परिवार सहित कई पीढ़ियों से अपनी राजाकटेल की पैतृक भूमि पर निवास करते आ रहे हैं, उनके जीवन-यापन का मुख्य आधार कृषि है. इस भूमि के संबंध में कूट रचना कर एवं जाल-साजी करते हुए बलपूर्वक राजस्व अभिलेखों में कुछ लोगों ने अपना नाम दर्ज करा लिया है. जब पण्डो जनजाति के लोग भूमि पर किए गए कब्जे को खाली करने की बात करते है तो वो सारे एक राय एवं संगठित होकर उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं- ग्रामीण

भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि मैं इस गांव में गया था, जाने पर लोगों से बातचीत में बताया गया कि कुछ लोग बकरी चराने आए थे, फिर यहां झाला बनाकर रहने लगे. धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ने लगी और फिर पंडो समाज के लोगों की जमीनों पर कब्जा करने लगे.

आदिवासी समाज की जमीन किसी भी गैर आदिवासी के नाम पर हस्तांतरित नही हो सकती है, फिर भी ये सब कैसे हुआ, इसकी जांच होगी. प्रशासन से और मुख्यमंत्री से भी इस विषय पर बात की जाएगी – भारत सिंह सिसोदिया, बीजेपी जिलाध्यक्ष

प्रशासन ने कही जांच कराने की बात

कलेक्टर सरगुजा अजीत वसंत ने बताया कि एडीएम और तहसीलदार को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.वहीं कांग्रेस नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि कुछ लोग मेरे पास भी आए थे, उन लोगों ने बताया कि वो गोचर भूमि है. पर मैंने जब पता कराया तो करीब 10 लोग पंडो की जमीन पर कब्जा किए हैं.

आदिवासी की जमीन किसके गैर आदिवासी में नाम पर हो सकती.अगर सरकार पंडो समाज के लोगों कि जमीन से कब्जा हटाने प्रयास करती है. तो ये विधिसम्मत होगा, लेकिन कुछ लोग इसे अल्पसंख्यक बनाम बहुसंख्यक बनाने में लगे हुए हैं- टीएस सिंहदेव, पूर्व डिप्टी सीएम

किन पर जमीन कब्जाने का है आरोप ?

पंडो जनजाति के लोगों ने जमील अहमद, शकील अहमद, समीम अहमद, गुलबहार अहमद, नसीम, खुरशीद, कबीर, असलम, मोहम्मद जमील, खुरशीद, बाबर, मोहताब, निसार, सुल्तान, रफिक, ताहिर, एनुल, बबलू खान, सैनुल, हुसैन , हसन , सहाजन, शफिक, रजाक, परवेज आलम, इम्तियाज अंसारी, खुदबुद्दीन, असमो मोहम्मद अंसारी, कुरबान एवं अन्य व्यक्तियों पर आरोप लगाया है.

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