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शिमला में रातभर हाई-वोल्टेज ड्रामा: यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी पर बवाल, सुबह 6 बजे तक फंसी रही दिल्ली पुलिस!

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के बीच जर्बदस्त तनातनी रही और रातभर जोरदार हंगामे की स्थिति बनी रही. ट्रांजिट रिमांड के सिलसिले में शिमला पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम को घंटों रोका गया. दोनों ओर से तीखी बहस भी हुई. कई घंटे चले हंगामे के बाद सुबह 6 बजे के करीब दिल्ली पुलिस को शोघी बैरियर से दिल्ली की ओर जाने की अनुमति दे दी गई. AI समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट के 3 आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाए जाने के दौरान दिल्ली पुलिस की गाड़ी जब्त कर ली गई और शिमला पुलिस ने टीम से एफआईआर दर्ज कर पूछताछ में शामिल होने को कहा था.

दिल्ली पुलिस के जवान गिरफ्तार किए गए 3 आरोपियों और इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं, सौरव, अरबाज और सिद्धार्थ को ACJM-II एकांश कपिल की ओर से दी गई ट्रांजिट रिमांड पर ले जा रहे थे. लेकिन इस बीच शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोक लिया. दिल्ली पुलिस की टीम से पूरी रात पूछताछ की गई, फिर सुबह 6 बजे के करीब दिल्ली पुलिस शिमला के शोघी बैरियर से रवाना हो पाई. रवाना होने से पहले दिल्ली पुलिस ने शिमला पुलिस को सीजर मेमो भी दिया.

पूरे विवाद में दिल्ली के एक पुलिसकर्मी ने कहा, “हम अब यहां से जा रहे हैं,” जब उनसे पूछा गया कि क्या शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस की सभी गाड़ियों को छोड़ दिया है, तो उन्होंने हां में सिर हिलाया.

शिमला के रोहडू से की गई गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस के अधिकारी अपने साथ DVR और आरोपियों की जब्त थार को भी लेकर आ रहे हैं. अब दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लोकल मजिस्ट्रेट के पास पेश करेगी. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जिला शिमला के रोहडू इलाके से उत्तर प्रदेश के सौरभ सिंह और अरबाज खान के साथ मध्य प्रदेश के सिद्धार्थ अवधूत को गिरफ्तार किया है.

पुलिस की टीम जब आरोपियों को लेकर दिल्ली लौट रही थी तभी शिमला पुलिस की टीम ने उसे रोकने की कोशिश की. कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बावजूद शिमला पुलिस के द्वारा दिल्ली पुलिस की टीम को आरोपियों को दिल्ली ले जाने से रोकने की कोशिश की गई. रात 3 बजे के करीब कनलोग में टीम को रोका गया और सुबह 5 बजे तक शोघी बैरियर के पास रोककर रखा गया.

दिल्ली पुलिस की गाड़ी जब्त, रास्ते में ही रोका

शिमला पुलिस ने इस बीच दिल्ली पुलिस की एक गाड़ी जब्त कर ली, टीम को नेशनल हाईवे-5 (NH-5) पर बीच रास्ते में रोक दिया और उनसे मामले में शिमला पुलिस की ओर से दर्ज की गई FIR के संबंध में अपनी जांच में शामिल होने के लिए कहा गया.

शोघी बैरियर पर शिमला पुलिस की पूछताछ के बावजूद दिल्ली पुलिस के अधिकारी गाड़ी से नीचे नहीं उतरे. दिल्ली पुलिस ने कहा कि गाड़ी में केस से जुड़े दस्तावेज हैं ऐसे में हम चाबी नहीं दे सकते. इस पर शिमला पुलिस ने कहा कि हम दिल्ली पुलिस की गाड़ी DL-1CAF-0768 को सीज करेंगे.

विवाद तब शुरू हुआ जब शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस के जवानों से कहा कि गिरफ्तार किए गए 3 आरोपियों को केवल 3 जवान ही ले जा सकते हैं. जबकि अन्य पुलिसवालों को जांच में शामिल होने के लिए रुकना होगा. इस पर दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “मेरे बगल में एक आरोपी बैठा है. हर कार में एक आरोपी बैठा हुआ है. हमें उन्हें सुरक्षित तरीके से पेश करना है. बस. वे अपना काम कर रहे हैं, हम अपना काम कर रहे हैं.”

‘बिना मेमो के ली दिल्ली पुलिस ने ली DVR’

इस बीच, शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस की एक गाड़ी भी जब्त कर ली. उसकी ओर से यह आरोप लगाया गया कि गाड़ी में एक DVR था जिसे दिल्ली पुलिस ने एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में अपने कब्जे में ले लिया. शिमला पुलिस का कहना है कि इन तीनों आरोपियों को दिल्ली पुलिस जबरदस्ती ले जा रही है, और जिस रिजॉर्ट में तीनों आरोपी रुके हुए थे, वहां के CCTV कैमरों के DVR दिल्ली पुलिस ने बिना किसी मेमो या रसीद के ले लिए हैं.

पुलिस के मुताबिक, अनजान लोगों ने कथित तौर पर तीनों लोगों को रिजॉर्ट से उठाया और उनकी गाड़ी भी साथ ले गए. शिकायत करने वाले ने आगे आरोप लगाया कि चांशल रिसॉर्ट में लगे CCTV कैमरों का DVR बिना किसी सीजर मेमो या रसीद के ले जाया गया. शिमला पुलिस का कहना है, “बुधवार सुबह, हमें जानकारी मिली कि सादे कपड़ों में करीब 15-20 अनजान लोग चिरगांव के मांडली इलाके में एक रिजॉर्ट में एक गाड़ी में आए और कथित तौर पर वहां ठहरे 3 गेस्ट को जबरदस्ती ले गए.” शिमला पुलिस ने इसके खिलाफ चिरगांव पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया और कानूनी कार्रवाई शुरू की.

शर्टलेस प्रोटेस्ट मामले में अब तक 11 गिरफ्तारी

इस बीच दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट के सिलसिले में कांग्रेस के 3 और कार्यकर्ताओं को हिमाचल प्रदेश से हिरासत में ले लिया गया. इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है. आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. दिल्ली पुलिस के स्पेशल टीम ने सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज को शिमला में पकड़ा और वहां एक लोकल कोर्ट में पेश किया. अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है.

राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में पिछले हफ्ते 20 फरवरी को शर्ट उतार कर किए गए विरोध प्रदर्शन ने सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल पैदा किए. इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत दंगा करने और वैमनस्य फैलाने सहित विभिन्न आरोप लगाए. मामले की गहन स्तर पर जांच की जा रही है.

घंटों हिरासत में रहे दिल्ली पुलिस के जवान

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे रोहड़ू से 3 युवकों को गिरफ्तार किया और उन्हें शिमला लेकर आई. हालांकि, सूचना मिलने पर हिमाचल पुलिस ने सोलन जिले के धरमपुर में दिल्ली पुलिस टीम को रोक लिया और आरोपियों के साथ उन्हें भी हिरासत में ले लिया. बाद में आरोपियों को कानूनी कार्रवाई के लिए शिमला ले जाया गया.

दिन में, बालूगंज थाने के SHO ने कथित तौर पर एक निजी शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अलग से सुनवाई होनी है. जब दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को फिर से दिल्ली ले जाने की कोशिश की, तो टीम को शिमला के बाहरी इलाके में एक बैरियर पर रोक दिया गया, लेकिन इस वजह से दोनों पुलिस बलों के बीच तीखी बहस हुई. आरोपियों और दिल्ली पुलिस के जवानों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से पहले कई घंटों तक हिरासत में रखा गया. शिमला पुलिस ने एक FIR भी दर्ज की है.

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