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Prayagraj Magh Mela 2026: कब है माघ मेले का अंतिम स्नान? जानें महाशिवरात्रि पर संगम डुबकी की सही तारीख और शुभ मुहूर्त

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 प्रयागराज में चल रहा प्रसिद्ध माघ मेला अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचकर पुण्य स्नान कर रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मेले में स्नान और पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है. इस बार मेले का छठा और अंतिम महास्नान 15 फरवरी 2026, रविवार को होगा. यह स्नान महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर किया जाएगा और इसी के साथ 44 दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक मेले का समापन भी हो जाएगा.

15 फरवरी को होगा छठा महास्नान

पंचांग और मेला प्रशासन के अनुसार, माघ मेले का छठा और अंतिम मुख्य स्नान 15 फरवरी 2026, रविवार को होगा. इस दिन महाशिवरात्रि का पर्व होने के कारण इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है. मान्यता है कि संगम के पावन जल में डुबकी लगाकर भगवान शिव का अभिषेक करने से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

महाशिवरात्रि पर विशेष संयोग

ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल महाशिवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जो इस स्नान को और भी फलदायी बना रहे हैं. श्रद्धालु सूर्योदय से ही त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाएंगे.

महाशिवरात्रि पर महास्नान का महत्व

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, भगवान शिव की पूजा और व्रत रखने का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन त्रिवेणी संगम में स्नान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है.

क्यों खास होता है माघ मेला?

माघ मेला हर साल प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर आयोजित किया जाता है. यह मेला सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. श्रद्धालु पूरे माघ मास में कल्पवास करते हैं, स्नान-ध्यान करते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं. साधु-संतों और अखाड़ों की मौजूदगी इस मेले की आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ा देती है.

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