उमरिया : पिछले दिनों बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकलकर गांव में घुसा एक बाघ जमकर सुर्खियों में रहा था, उसकी वजह ये थी कि ये बाघ एक घर में घुसकर खाट में आराम करता पाया गया था. इस घटना के वीडियो देशभर में सर्कुलेट हुए थे. वहीं वन विभाग के एक्सपर्ट्स ने भारी मशक्कत के बाद बाघ को रेस्क्यू कर लिया था. वहीं, अब खबर है कि इस बाघ को जंगल की जेल से रिहाई मिल गई है. वन विभाग ने एहतियात के तौर पर बाघ को रेस्क्यू करने के बाद एनक्लोजर में रखा था.
रेस्क्यू के बाद टाइगर को एनक्लोजर में क्यों रखा गया?
खाट में बैठने वाले बाघ का रेस्क्यू करने के बाद उसे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बहेरहा एनक्लोजर में रखा गया था. रेस्क्यू को दौरान बाघ ने काफी संघर्ष किया था, जिसके बाद उसका उपचार होना था. इसके साथ ही एक्सपर्ट्स को ये भी सुनिश्चित करना था कि बाघ की सेहत कैसी है. इसी वजह से उसकी सतत निगरानी हो सके, स्वास्थ्य, व्यवहार, आक्रामकता के स्तर व प्राकृतिक शिकार करने की क्षमता का आंकलन करने के लिए उसे जंगल में बनाए गए एनक्लोजर में रखा गया था.
एनक्लोजर से जंगल में छोड़ा बाघ
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया, ” हाल ही में जिस बाघ का रेस्क्यू किया गया था, उसे बहेरहा एंक्लोजर में रखा गया था. अब उस बाघ को मग्घी कोर जोन रेंज के वन क्षेत्र में आजाद कर दिया गया है. इस बाघ की निगरानी के लिए एक टीम भी तैनात कर दी गई है, बाघ पूरी तरह से स्वस्थ्य है और शिकार भी कर रहा है. अब ये बाघ एक बार फिर से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के जंगल में आजादी के साथ घूम सकेगा.”
आखिर क्या होता है एनक्लोजर?
टाइगर रिजर्व में आखिर ये एनक्लोजर होता क्या है? इसे लेकर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय बताते हैं, ” एनक्लोजर एक सुरक्षित व नियंत्रित प्राकृतिक क्षेत्र होता है. यहां वन्यजीवों को अस्थायी रूप से रखकर उनके व्यवहार और स्वास्थ्य की निगरानी की जाती है.”
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बना बहेरहा टाइगर एनक्लोजर लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है. इसमें प्राकृतिक वनस्पति, जल स्रोत व पर्याप्त एकांत उपलब्ध है, जिससे बाघ का व्यवहार प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप बना रहता है. यह एनक्लोजर कैमरा ट्रैप व फील्ड स्टाफ के माध्यम से लगातार मॉनिटर किया जाता है.
खाट में बैठने के बाद सुर्खियों में आया था ये मेल टाइगर
29 दिसंबर को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर अंतर्गत छोटी बेल्दी गांव में बाघ घुसा था. बाघ दुर्गा प्रसाद द्विवेदी के घर पर घुसकर वहीं बिस्तर पर जाकर बैठ गया था, जिसके बाद इसका वीडियो खूब सर्कुलेट हुआ था. वन विभाग की टीम और एक्सपर्ट्स ने बाघ को रेस्क्यू किया था, और फिर उसे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ही बहेरहा एनक्लोजर में रखा गया था. यह बाघ एक मेल टाइगर है, जिसकी उम्र 4 वर्ष है.
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