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भारत के खिलाफ पाकिस्तान की नई साजिश: लश्कर-ए-तैयबा ने तैयार किया ‘वॉटर टेरर’ नेटवर्क, खुफिया रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

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जम्मू कश्मीर में आतंक के सफाए के लिए भारतीय सेना लगातार अभियान चला रही है. इसके साथ ही आतंकियों के मददगारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है. इस बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा वॉटर टेरर नेटवर्क सक्रिय कर रहा है.

एक खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े जेकेयूएम ने देशभर में एक व्यापक और संगठित वॉटर टेरर क्षमता विकसित करनी शुरू कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह नेटवर्क घुसपैठ और समुद्री आतंकी हमलों के लिए विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है.

पीओके में चल रहे शिविर

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, लश्कर के पास अब एशिया में किसी भी आतंकी संगठन से अधिक प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर और पेशेवर तैराक मौजूद हैं. पाकिस्तान के कई बड़े शहरों और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में जल आधारित प्रशिक्षण शिविर लगातार संचालित किए जा रहे हैं.

फर्जी वॉटर रेस्क्यू और राहत अभियान

रिपोर्ट में बताया गया है कि तैराकी और अंडरवॉटर कोर्स को फर्जी वॉटर रेस्क्यू और राहत अभियानों के नाम पर खुलेआम चलाया जा रहा है, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके. इन प्रशिक्षण स्थलों पर स्पीड बोट, अत्याधुनिक और महंगे स्कूबा उपकरण बिना किसी प्रतिबंध के इस्तेमाल किए जा रहे हैं.

नदियों, नहरों और झीलों का इस्तेमाल

आतंकी संगठन प्रशिक्षण के लिए बड़े स्विमिंग पूल, नदियों, नहरों, झीलों और तटीय इलाकों का व्यापक रूप से उपयोग कर रहा है. सामने आए वीडियो में लश्कर/जेकेयूएम के कुख्यात कमांडर रिज़वान हनीज़ और आमिर ज़िया की मौजूदगी भी देखी गई है, जिससे इस गतिविधि की गंभीरता और बढ़ जाती है.

क्या है मकसद

खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि यह कोई मानवीय या बचाव कार्य नहीं, बल्कि सीधी लड़ाकू तैयारी है, जिसका मकसद समुद्री मार्गों से घुसपैठ और भविष्य में बड़े हमलों को अंजाम देना है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकेत देता है कि आतंकी खतरा अब केवल ज़मीनी सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जल और समुद्री मोर्चे पर भी तेजी से फैल रहा है.यह खुलासा भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है.

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