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Ludhiana में दूध-डेयरी के 40% सैंपल फेल, 12% अनसेफ, FSSAI का सख्त अभियान शुरू

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लुधियाना:  एक बार फिर जिले में दूध और दूध से बने उत्पादों की व्यापक सैंपलिंग शुरू करने की तैयारी की जा रही है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इसके लिए एक विशेष योजना तैयार की है। इस अभियान के तहत उन जिलों पर खास नजर रखी जाएगी, जहां सबसे ज्यादा दूध और दूध उत्पादों के सैंपल फेल हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, पंजाब में सबसे ज्यादा खराब सैंपल लुधियाना जिले से सामने आए हैं। यहां करीब 40 प्रतिशत दूध और दूध से बने उत्पादों के सैंपल फेल पाए गए, जिनमें से लगभग 12 प्रतिशत सैंपल खाने के लिए असुरक्षित (अनसेफ) घोषित किए गए। इसी तरह की स्थिति कई अन्य राज्यों में भी सामने आई है। FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि दूध, पनीर, खोया और घी सहित दूध से बने उत्पादों की सघन जांच की जाए। यह अभियान FSS अधिनियम 2006 की धारा 16(5) के तहत चलाया जाएगा। हाल के दिनों में मिलावटी पनीर और खोया की बिक्री की शिकायतें मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लुधियाना जैसे जिलों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही लोगों को मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के नुकसान के बारे में जागरूक भी किया जाएगा। घी की सैंपलिंग पर भी खास ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि महंगे दामों पर घटिया घी बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। योजना के तहत लाइसेंस प्राप्त और बिना लाइसेंस वाले सभी डेयरी उत्पाद बनाने और बेचने वालों की जांच की जाएगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इंटर-डिस्ट्रिक्ट टीमें भी तैनात की जाएंगी और सैंपलिंग की रिपोर्ट नियमित रूप से FSSAI और राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी। इस अभियान का मकसद लोगों को सुरक्षित और शुद्ध दूध व दूध से बने उत्पाद उपलब्ध कराना और मिलावटखोरों पर सख्ती करना है।

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