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यूक्रेन संकट में नया मोड़: पीस प्लान पर ट्रंप का ज़ेलेंस्की को ‘अल्टीमेटम’, क्या झुकेंगे यूक्रेन के राष्ट्रपति?

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रूस ने किया प्लान का स्वागत

इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सावधानीपूर्वक यूएस के इस प्रस्ताव का स्वागत किया. इसमें कई लंबे समय से रूस की मांगें शामिल हैं, जबकि यूक्रेन के लिए सुरक्षा की सीमित गारंटियां दी गई हैं. पुतिन ने कहा कि यह अंतिम शांति समझौते का आधार बन सकता है, और आरोप लगाया कि यूक्रेन इस योजना का विरोध कर रहा है और असंभव अपेक्षाएं रखता है.

इस योजना के तहत यूक्रेन को कुछ क्षेत्र रूस को सौंपने होंगे — जिसे कीव बार-बार अस्वीकार कर चुका है — साथ ही अपनी सेना का आकार कम करना होगा और NATO सदस्यता के अपने महत्वाकांक्षी रास्ते को रोकना होगा.

रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में बोलते हुए पुतिन ने इस योजना को एक नया संस्करण और आधुनिक योजना कहा, जो अगस्त में ट्रंप के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन से पहले अमेरिका के साथ चर्चा की गई थी. उन्होंने कहा कि मास्को को यह योजना हासिल हो चुकी है. मुझे विश्वास है कि यह भी अंतिम शांति समझौते का आधार बन सकती है, उन्होंने कहा.

लेकिन, पुतिन ने कहा कि इस प्रस्ताव का टेकस्ट (TEXT) हमारे साथ किसी ठोस तरीके से चर्चा नहीं किया गया है और मैं अंदाजा लगा सकता हूं क्यों. उन्होंने आगे कहा कि अब तक वॉशिंगटन यूक्रेन की सहमति प्राप्त करने में असफल रहा है. पुतिन ने कहा, यूक्रेन इसके खिलाफ है. जाहिर है, यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी अभी भी भ्रम में हैं और युद्धभूमि पर रूस को रणनीतिक रूप से हराने का सपना देख रहे हैं.

जेलेंस्की ने क्या-क्या कहा?

जेलेंस्की ने अपने संबोधन में योजना को पूरी तरह खारिज नहीं किया, लेकिन न्यायपूर्ण व्यवहार की मांग की और कहा कि वो शांतिपूर्ण तरीके से वॉशिंगटन और अन्य साझेदारों के साथ काम करेंगे. उन्होंने इसे हमारे इतिहास के सबसे मुश्किल पलों में से एक बताया.

जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को लगभग एक घंटे तक अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल से शांति प्रस्ताव पर चर्चा की.

वर्तमान में, यूक्रेन पर दबाव सबसे ज्यादा है, जेलेंस्की ने अपने रिकॉर्ड किए गए भाषण में कहा. यूक्रेन को अब एक बहुत ही कठिन निर्णय का सामना करना पड़ सकता है. या तो अपनी गरिमा खोना या एक प्रमुख साझेदार खोने का जोखिम उठाना.

ट्रंप ने दिया अल्टीमेटम

ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की को अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार करना होगा और अगर वो ऐसा नहीं करते हैं, तो तो शायद उन्हें बस लड़ते रहना चाहिए. ट्रंप ने शुक्रवार को एक रेडियो इंटरव्यू में कहा कि वो जेलेंस्की से अपने 28-बिंदु योजना पर जवाब चाहते हैं, जिसकी समय सीमा गुरुवार है, लेकिन शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए समय बढ़ाया जा सकता है.

यूरोपीय देशों ने किया समर्थन

जेलेंस्की ने पहले जर्मनी, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के नेताओं के साथ फोन पर बात की, जिन्होंने उन्हें यूक्रेन के लिए अपनी निरंतर समर्थन की गारंटी दी. कीर स्टारमर ने कहा कि यूक्रेन का अपना भविष्य अपनी संप्रभुता के तहत तय करने का अधिकार एक मौलिक सिद्धांत है.

यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि वो अमेरिकी प्रस्तावों पर विचार कर रहे हैं और जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में वो ट्रंप से इस पर चर्चा करेंगे.

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