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बिहार में समीकरण पलटा: मुकेश सहनी का चौंकाने वाला दांव, गौरा बौराम में अफजल अली की राह हुई आसान?

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बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार के आखिरी दिन दरभंगा जिले की गौरा बौराम सीट पर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. जहां, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने अपने भाई संतोष सहनी का नाम वापस ले लिया है. मुकेश सहनी ने अब आरजेडी उम्मीदवार अफजल अली खान को समर्थन देने का ऐलान किया है.

अफजल अली को राजद ने सोमवार को पार्टी से निष्काषित कर दिया था. उनके निष्कासन के बाद यह सीट महागठबंधन के लिए मुश्किल में पड़ती दिख रही थी. इसी परिस्थिति को देखते हुए मुकेश सहनी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी अपने भाई का नाम वापस लेने और अफजल अली को समर्थन देने का ऐलान किया.

फैसलों पर क्या बोले मुकेश सहनी?

मुकेश सहनी ने कहा है कि हमारा उद्देश्य एनडीए को सत्ता से हटाना है और महागठबंधन को मजबूत करना है. इसी को देखते हुए हमने गौरा बौराम सीट पर अपने भाई को चुनाव मैदान से हटाते हुए अफजल अली को समर्थन देने का फैसला किया है. अब देखना है कि इस सीट पर महागठबंधन और एनडीए के बीच लड़ाई में कौन किस पर भारी पड़ता है.

कहां फंसा था पेंच?

दरअसल, एक दिन पहले ही आरजेडी ने इस सीट पर अपने प्रत्याशी अफजल अली खान को के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया था. महागठबंधन की सीट शेयरिंग में यह सीट मुकेश सहनी के हिस्से गई थी, लेकिन अफजल अली पीछे नहीं हटे और उन्होंने नामांकन कर दिया था. दूसरी ओर मुकेश सहनी भी अड़े रहे और उन्होंने अपने भाई से नामांकन करा दिया. इस बीच आरजेडी ने अफजल अली के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.

आरजेडी के एक्शन के बाद मुकेश सहनी को लगा कि अफजल अली उनके भाई पर भारी पड़ सकते हैं या फिर उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में उन्होंने अपने भाई को मैदान से हटा दिया और अफजल अली का खुलकर समर्थन कर दिया है. अब देखने है कि अफजल अली ये चुनाव जीत पाते हैं या नहीं.

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