Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

रेलवे ने काटे पेड़, उजड़े पक्षियों के घोंसले, कई चूजों की मौत… वन विभाग ने दर्ज की FIR

29

बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया में रेलवे के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है, वो भी चूजों की मौत होने पर. वन विभाग ने इसे रेलवे की असंवेदनशीलता बताया है. नवगछिया रेलवे स्टेशन पर सौंदर्यीकरण के नाम पर प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर सालों पुराने दरख्त पाकड़ के एक पेड़ को रेलवे ने कटवा दिया. इस पेड़ पर वर्षों से लिटिल कॉर्मोरेंट और लिटिल एग्रेट प्रजाति के पक्षियों का विशाल कॉलोनीनुमा घोंसला था. पेड़ काटने के बाद सैकड़ों नन्हे चूज़े नीचे जमीन पर गिरकर छटपटाने लगे जिसमें से दर्जनों चूजे एक-एक कर मर गए. जबकि कई घायल अवस्था में तड़पते रहे. यह मंजर इतना भयावह था कि स्टेशन पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए. मामले में अब रेल अधिकारियों पर केस दर्ज किया गया है.

मामले की सूचना भागलपुर के डीएफओ को दी गई इसके बाद वन विभाग के रेंज ऑफिसर पहुंचे और सभी बचे हुए चूज़ों को रेस्क्यू कर सुंदरवन ले जाया गया. वहां उनका इलाज किया जा रहा है. मृत पक्षियों व उनके बच्चों को भागलपुर लाकर उनका पोस्टमार्टम कराया गया. एक ओर सरकार जहां पक्षियों और जैव विविधता की रक्षा के लिए करोड़ों खर्च करती है, वहीं दूसरी ओर रेलवे जैसी बड़ी संस्था की लापरवाही ने पक्षियों का पूरा आवास खत्म कर दिया गया.

रेलवे पदाधिकारी पर हुई FIR

मामले में भागलपुर की डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर श्वेता कुमारी ने गंभीर रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि नवगछिया रेलवे स्टेशन पर पेड़ों की छंटाई मामले में अज्ञात रेल पदाधिकारी के खिलाफ वाइल्डलाइफ प्रोटक्शन एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. यह कार्रवाई वनरक्षी सोनी कुमारी के आवेदन पर की गई है. डीएफओ ने कहा कि अगर रेल विभाग को पेड़ों की छंटाई करनी ही थी तो पक्षियों के घोसले वाले हिस्से को छोड़कर कार्य करना चाहिए था. ताकि अंडों, बच्चों व पक्षियों को नुकसान न पहुंचे. उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभाग इस मामले में कठोर कार्रवाई करेगा.

कौवे और बगुले के चूजे की मौत

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल पक्षियों के घोंसले का विनाश नहीं, बल्कि प्रकृति की हत्या है. यदि समय रहते वन विभाग हस्तक्षेप नहीं करता तो शायद एक भी चूजा जीवित नहीं बच पाता. पाकड़ के पेड़ काटने के कारण पक्षियों के घोंसले के टूटने से पनडुब्बी कौवे एवं बगुले के चूजे की मौत हुई. वहीं रेल प्रशासन ने कहा है कि पाकड़ के पेड़ की कटाई मजबूरी में की गई, लेकिन इससे पक्षियों को नुकसान हुआ है. हम इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.