पठानकोट : पंजाब व हिमाचल के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर 3 वर्षों से 12वीं पास अवैध डॉक्टर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करता दोनों हाथों से लूटता रहा। इसका खुलासा होने के बाद बिना लाइसैंस चल रहे क्लीनक को सेहत विभाग ने सील कर दिया।
धारकलां से नूरपुर मार्ग पर सदवां पंचायत के तहत हार गांव में सेहत विभाग के ड्रग्स कंट्रोल विभाग द्वारा दबिश दी गई, जिसमें ड्रग इंस्पैक्टर प्यार चंद ठाकुर ने क्लीनिक में कार्यरत व्यक्ति असलम से क्लीनिक का लाइसैंस मांगा तो उसके पास दवा बेचने से संबंधित कागज नहीं थे। झोलाछाप क्लीनिक 3 साल से डॉक्टर बनकर असलम चला रहा था, जो गुरदासपुर का रहने वाला है और मात्र 12वीं पास है।
ड्रग इंस्पैक्टर ने बताया कि क्लीनिक को सील कर असलम के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मैटिक एक्ट 18-सी के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सघन अभियान चलाया जा रहा है और जो व्यक्ति बिना लाइसैंस दवा बेचते पाया गया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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