जालंधर: मानसून सिर पर है, लेकिन जालंधर नगर निगम की तैयारियां अभी अधूरी नजर आ रही हैं। शहरभर में बरसात के पानी की निकासी के लिए बनाई गईं रोड गलियाँ लंबे समय से साफ नहीं हुई हैं। बारिश का पानी जब नालियों में से नहीं निकलेगा तो सड़कों पर जलभराव और गंदगी तय मानी जा रही है।
नगर निगम ने हर वार्ड में अस्थायी आधार पर सीवरमैन रखने की योजना तो बनाई है, लेकिन अभी तक न तो इन कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है और न ही यह तय है कि वे कब से काम शुरू करेंगे और कितना प्रभावी काम कर पाएंगे। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में भी रोड गलियों की सफाई की रफ्तार धीमी ही रहेगी। बारिश आने से पहले सुपर सक्शन मशीनों से सीवर लाइनों की सफाई की जानी चाहिए थी, लेकिन इस दिशा में भी कोई ठोस कदम नहीं उठ पाया है। बताया गया है कि इस काम के लिए जो टैंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, वह अब तक चंडीगढ़ में मंज़ूरी के इंतज़ार में अटकी हुई है, जिसके चलते काम की शुरुआत तक नहीं हो सकी है।
अब स्थिति को देखते हुए माना जा रहा है कि 15-20 दिन बाद शुरू होने जा रहा बरसाती सीजन जालंधर वासियों के लिए भारी परेशानियों वाला हो सकता है। सीवर लाइनों की जाम स्थिति के चलते जलभराव, कीचड़, गंदगी और बदबू जैसे हालात कई इलाकों में सामान्य बात हो सकते हैं। साथ ही, बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। जालंधर नगर निगम की यह अधूरी और ढीली तैयारी शहरवासियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। समय रहते सफाई के काम में तेजी नहीं लाई गई तो मानसून के कुछ हफ्ते जालंधर के लिए मुसीबत साबित हो सकते हैं।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.