Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्लीन एनर्जी भरपूर, फिर भी कोयले पर निर्भरता क्यों?: ग्रिड क्षमता और बैटरी स्टोरेज की कमी से बर्बाद ... 7,050mAh बैटरी और 144Hz कर्व्ड स्क्रीन के साथ Vivo T5 5G भारत में लॉन्च, ₹4,000 की छूट; देखें कीमत व... जन्माष्टमी पर क्यों बनाए जाते हैं लड्डू गोपाल के नन्हे चरण चिह्न? जानिए धार्मिक महत्व और सही दिशा रोमांस छोड़ सस्पेंस-थ्रिलर की ओर मुड़ीं करीना कपूर: पृथ्वीराज सुकुमारन संग 'दायरा' में आएंगी नजर; पि... सोनभद्र NCL ओवरमैन हत्याकांड का खुलासा: 2 घंटे पहले घर पहुंचे पति ने प्रेमी संग देखा; पत्नी और प्रेम... अयोध्या राम मंदिर के पहले CEO पर आज लगेगी अंतिम मुहर: चंदा चोरी विवाद के बाद प्रशासनिक सुधार, रेस मे... NHAI टोल प्लाजा घोटाले पर ED का बड़ा एक्शन: UP, MP, दिल्ली-NCR समेत 14 ठिकानों पर छापेमारी; फर्जी FA... लखनऊ में तेज बारिश के बाद धंसी मुख्य सड़क: 10 फीट गहरे गड्ढे में गिरा बाइक सवार, पूर्व डिप्टी सीएम आ... तमिलनाडु एक्सप्रेस मर्डर केस का सनसनीखेज खुलासा: आगरा में ट्रॉली बैग में मिले थे महिला के 18 टुकड़े;... जन्मदिन की पार्टी का वादा बना कानूनी विवाद: दमोह में साथी वकील को भेजा ₹41,250 का लीगल नोटिस

अब ढाई बजे नहीं सुबह 4 बजे जागेंगे बाबा महाकाल, भस्म आरती का बदला समय

41

भगवान शिव को श्रावण भादो मास अति प्रिय है. यही कारण है कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास की शुरुआत होने के साथ ही यहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती के समय में बदलाव हो जाता है. बाबा महाकाल अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए डेढ़ घंटा पहले जागते हैं. इस बार श्रावण मास की शुरुआत 22 जुलाई से हुई थी. इसके बाद बाबा महाकाल की सुबह होने वाली भस्म आरती के समय में बदलाव किया गया था.

डेढ़ महीने तक मंदिर में भस्म आरती बदले हुए समय के अनुसार ही चलती रही, लेकिन मंगवाल यानि तीन सितंबर से इस व्यवस्था में बदलाव होने वाला है. अब बाबा महाकाल की भस्म आरती पहले की तरह ही सुबह 4 बजे की जाएगी. महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भक्त तो भगवान के लिए तरह-तरह के कठिन उपवास और तप करते ही हैं, लेकिन श्रावण मास में बाबा महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए डेढ़ घंटा पहले जागते हैं.

बदल जाएगा भस्म आरती का समय

पुजारी पंडित शर्मा ने बताया कि इस वर्ष सोमवार के दिन बाबा महाकाल की भस्म आरती रात 2:30 बजे से शुरू हुई, जबकि सप्ताह के अन्य दिनों में यही भस्म आरती रात 3:00 बजे से शुरू होती थी, लेकिन अब तीन सितंबर से बाबा महाकाल की भस्म आरती के समय में बड़ा बदलाव होगा. बाबा महाकाल की प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती अब सुबह चार बजे से ही शुरू की जाएगी. सावन के महीने में देश-विदेश से हजारों की संख्या में भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आए थे.

यह व्यवस्था भी बदलेगी

सावन महीने में देश-विदेश से बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चलित दर्शन व्यवस्था की शुरुआत भी मंदिर में की जाती है. श्रद्धालु चल दर्शन व्यवस्था के तहत बाबा महाकाल की भस्म आरती अधिक से अधिक संख्या में देख पाते थे, लेकिन भस्म आरती के समय में बदलाव होने के बाद अब यह व्यवस्था भी समाप्त हो जाएगी. अब पहले की तरह भस्म आरती में उन्हीं श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके पास अनुमति होगी.

बाबा महाकाल की भस्म आरती

बाबा महाकाल की भस्म आरती की शुरुआत प्रतिदिन चांदी द्वार के पास स्थित भगवान मानभद्र और वीरभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोलकर की जाती है, जिसके बाद सबसे पहले भगवान का स्नान, पंचामृत अभिषेक करवाने के साथ ही केसर युक्त जल अर्पित किया जाता है. इसके बाद बाबा महाकाल का भांग और मावे के साथ आभूषण पहनाकर श्रृंगार किया जाता है. बाबा महाकाल के श्रृंगार के बाद उन्हें महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म अर्पित की जाती है. कहा जाता है की भस्म आरती में बाबा महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.