Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Haryana Police Transfer: हरियाणा पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 13 IPS और 22 HPS अधिकारियों ... Haryana Agniveer Policy: हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए आसान की भर्ती प्रक्रिया, कई छूटों ... Karnal Crime News: करनाल में बदमाशों के हौसले बुलंद, प्राइवेटकर्मी विनोद की तेजधार हथियार से निर्मम ... Faridabad Encounter News: फरीदाबाद में पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़, दो गोली लगने से घायल... Haryana Cabinet Decisions: सीएम नायब सैनी की कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला, भूपेंद्र हुड्डा की कोठी का... Haryana Weather Warning: हरियाणा में 12 अक्टूबर से मौसम में भारी बदलाव, आंधी-तूफान और भारी बारिश का ... Panchkula Weather Update: पंचकूला में अचानक बदला मौसम, आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट Nuh Alarming News: नूंह के सेहसोला गांव में फिर धंसी ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की टनल, एक एकड़ जमीन समाने ... Palwal Encounter News: पलवल में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, चंडीगढ़ में कार लूटने वाले पंजाब के... GMC Election Voting News: गुजरात में निकाय चुनावों के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान संपन्न, 13 अक्टू...

MP में सात साल से खाली पड़ा महिला आयोग, पीड़िताओं को नहीं मिल रहा न्याय

92

भोपाल। मध्यप्रदेश में महिला अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन अपराध पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिल रहा है। इसका कारण यह है कि राज्य महिला आयोग की बेंच सात साल से नहीं लगी है, क्योंकि आयोग में ना तो अध्यक्ष और ना ही सदस्य हैं।इस कारण प्रदेश भर की पीड़ित महिलाएं न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं।

अब तक राज्य महिला आयोग में करीब 24 हजार मामले लंबित हैं, जबकि आयोग के नियमानुसार किसी भी शिकायत पर 15 दिन के अंदर कार्रवाई करनी होती है। आयोग में 2018 के बाद बेंच ही नहीं लगी है। इस कारण आयोग में पीड़ित महिलाओं के मामले बढ़ रहे हैं। आयोग में करीब 3500 महिलाएं हर साल महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाने पहुंचती हैं।

दरअसल, 2018 में आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े का कार्यकाल खत्म होने के बाद 2019 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने 18 मार्च 2020 आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा को बनाया गया और सदस्यों की भी नियुक्ति की गई थी, लेकिन उसके बाद फिर से भाजपा की सरकार आई और नियुक्तियों का मामला कोर्ट पहुंच गया।इस दौरान एक भी दिन बेंच नहीं लगी।

इसके बाद से दुबारा भाजपा की सरकार 2022 में बनने के बाद महिला आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।इस कारण हिंसा पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है। आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मई में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को पत्र लिखा था।

हर दिन नौ से 10 महिलाएं शिकायत दर्ज कराती है

महिला आयोग में प्रदेश भर से हर रोज नौ से 10 महिलाएं शिकायत दर्ज हो रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के कारण महिलाएं निराश होकर लौट रही हें। अब तो महिलाओं को वहां जाने पर महिला थाना या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में काउंसलिंग के लिए भेजा जा रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.