Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सीजेपी कार्यकर्ता के पिता पर हमले के खिलाफ आक्रोश, कॉकरोच जनता पार्टी ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस का हलफनामा, कार्रवाई का किया ... जंतर-मंतर पर छात्रों से पुलिस की बदसलूकी: सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई लेवल कमेटी, CJI बोले- निर्दोष छात... बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: 18 IPS अधिकारियों के तबादले, सीवान एसपी पूरन झा हटे, भारत सोनी बने नए क... उमरिया का वह ऐतिहासिक गांव जहां कभी राजीव गांधी पहुंचे थे, आज 41 साल से सड़क को तरस रहा पंचकेदार कल्पेश्वर महादेव मंदिर में भारी बारिश से तबाही: मलबे से पटा परिसर, हवन कुंड और सुरक्षा दीवा... नालंदा में मिड डे मील में नमक की जगह मिलाया सर्फ: 24 से अधिक स्कूली बच्चों की बिगड़ी तबीयत, मची अफरा... महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: पंढरपुर विकास के लिए विशेष पुनर्वास नीति, जायकवाड़ी फेज-2 को ₹6,47... शिव भक्ति पर शौहर ने दिया तीन तलाक: झारखंड की जमीला खातून बरेली में बनी ज्योति देवी, प्रकाश संग लिए ... लखनऊ के होटल क्रिस्टेलिया में फर्जी विदेश मंत्रालय अफसरों का हाईड्रामा, स्टाफ को बनाया बंधक

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 13 साल से जवाब न देने पर लगाया 50 हजार का जुर्माना

34

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक प्रकरण में विगत 13 वर्ष से जवाब पेश न किए जाने के रवैये को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ राज्य शासन पर 50 हजार का जुर्माना लगा दिया। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने जुर्माना राशि तीन दिन के भीतर लीगल सेल अथार्ट्री में जमा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कलेक्टर सीधी को आगामी सुनवाई के दौरान समस्त रिकार्ड सहित व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने निर्देशित किया है। अगली सुनवाई 30 मई को होगी।

याचिकाकर्ता सीधी जिले के ग्राम गौरध निवासी सुधा गौतम की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि यह याचिका वर्ष 2011 में दायर की गई थी। साल-दर-साल 13 वर्ष गुजर गए। नोटिस जारी होने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक जवाब पेश करने तक की जेहमत नहीं उठाई गई है।

नौ जनवरी, 2013 को जवाब पेश करने के लिए अंतिम मोहलत दी गई थी, लेकिन हीलाहवाली बदस्तूर है। हाई कोर्ट के नोटिस को गंभीरता से न लेने का रवैया अनुचित है। यह सरकार के मनमाने व उदासीन ही नहीं नाफरमान व्यवहार का प्रतीक है। लिहाजा, कठोर कदम अनिवार्य है।

हाई कोर्ट ने तर्क से सहमत होकर सरकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। साथ ही जवाब पेश करने अंतिम अवसर दे दिया। कलेक्टर सीधी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति से जुड़े सभी दस्तवेजों के साथ हाजिरी सुनिश्चित कराने की भी ताकीद दे दी गई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.