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अजग-गजब MP! कक्षा 4 तक पढ़ाई, चुनाव में ड्यूटी लगाई… ड्राइवर-मैकेनिक और गैंगमैन डलवाएंगे आपका कीमती वोट

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मध्य प्रदेश के गुना जिला प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. देश के सबसे बड़े महोत्सव यानी लोकसभा के चुनाव में ऐसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पोलिंग अधिकारी बना दिया गया है, जो बमुश्किल चौथी पास हैं. बस अपना नाम ही लिख पाते हैं. हैरानी की बात यह है कि जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर को इन 20 कर्मचारियों में से 14 ने आवेदन देकर यह काम नहीं कराए जाने की मांग की है.

इसको लेकर नगर पालिका अध्यक्ष ने भी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर से बातचीत कर स्थिति साफ की है. इसके बाद भी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की ड्यूटी अभी बदस्तूर है. इसको लेकर अभी कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. इस बीच कांग्रेस ने भी जिला प्रशासन पर बीजेपी सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने कहा है कि जिले में शिक्षित कर्मचारियों की कोई कमी नहीं है.

7 मई को हैं यहां चुनाव

ग्वालियर-चंबल अंचल की चारो सीटों पर तीसरे चरण में 7 मई को चुनाव होने हैं. ऐसे में गुना लोकसभा सीट पर मतदान को संपन्न करने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को P2 यानी पोलिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी दी गई है. जिन कर्मचारियों को पोलिंग ऑफिसर बनाया गया है. वह गुना नगर पालिका में ड्राइवर, मैकेनिक, चपरासी और गैंगमैन जैसे पदों पर काम कर रहे हैं.

ऐसे करीब 20 कर्मचारियों की जानकारी अभी तक सामने आ चुकी है. इनमें से 14 कर्मचारियों ने गुना कलेक्टर को आवेदन देकर खुद को पोलिंग ऑफिसर जैसे कार्य से मुक्त कर कोई अन्य काम कराए जाने की मांग की है.

चुनावी ड्यूटी लगने से काम हो जाएगा प्रभावित

ऐसे में नगर पालिका अध्यक्ष सविता गुप्ता के पति और उनके प्रतिनिधि अरविंद गुप्ता ने बताया कि वह नगर पालिका अध्यक्ष के साथ कलेक्टर से मिले थे. उनसे चर्चा की गई थी कि जो पुराने कर्मचारी पहले से ही निर्वाचन के लिए कार्य कर रहे हैं. वह तो ठीक है, लेकिन जिन नए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पोलिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी दी गई है. वह गुना नगर पालिका के क्षेत्र में कई तरह के कार्य करते हैं, ऐसे में उन्हें पोलिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी देने से गुना शहर के विभिन्न काम प्रभावित होंगे.

गुना जिला प्रशासन के द्वारा नगर पालिका के चतुर्थ श्रेणी के कम पढ़े लिखे कर्मचारियों को पोलिंग ऑफिसर बनाए जाने की खबर जैसे ही बाहर आई, वैसे ही कांग्रेस ने जिला प्रशासन और बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस ने कहा कि जिला प्रशासन बीजेपी सरकार के इशारे पर काम कर रहा है, ताकि मतदान को प्रभावित किया जा सके.

चुनाव में शिक्षित कर्मचारियों की लगाई जाए ड्यूटी- कांग्रेस

साथ ही कांग्रेस ने कहा कि गुना जिले में शिक्षित कर्मचारियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन फिर भी ऐसे कर्मचारियों की ड्यूटी मतदान केंद्रों पर पोलिंग ऑफिसर के रूप में लगा दी गई है, जो ठीक से हस्ताक्षर करना भी नहीं जानते है. ऐसे में अशिक्षित कर्मचारियों की देखरेख में चुनाव को प्रभावित करने की BJP की सोची समझी साजिश है. इस पर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से शिक्षित कर्मचारियों के द्वारा कार्य कराए जाने की मांग की है.

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